Satyaki Savarkar Rahul Gandhi case: पुणे की विशेष MP/MLA अदालत में विनायक दामोदर सावरकर के परपोते सत्यकी सावरकर ने अपने पूर्वज से जुड़े कई ऐतिहासिक तथ्यों को रखा. यह सुनवाई कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में हो रही है. आरोप है कि राहुल गांधी ने 2023 में लंदन में दिए भाषण में सावरकर की छवि को तोड़-मरोड़कर पेश किया था.
सत्यकी सावरकर ने अदालत में स्वीकार किया कि सावरकर ने जेल से ब्रिटिश सरकार को पांच बार दया याचिका दी थी. लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उस दौर में कई अन्य राजनीतिक कैदियों ने भी ऐसी याचिकाएं दी थीं, इसलिए इसे अलग या गलत नजरिए से नहीं देखना चाहिए.
दूसरे विश्व युद्ध के समय सावरकर द्वारा भारतीयों को ब्रिटिश सेना में भर्ती होने की अपील का भी जिक्र हुआ. सत्यकी ने कहा कि इसका उद्देश्य ब्रिटिशों का समर्थन करना नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण और हथियारों की ट्रेनिंग दिलाना था, ताकि देश आजाद होने के बाद वे अपनी सेना के लिए तैयार रहें.
सत्यकी सावरकर ने अदालत को बताया कि उनके पूर्वज गाय को भगवान या देवी नहीं मानते थे. वे पूर्ण रूप से तर्कवादी थे और गाय को मात्र एक उपयोगी पशु के रूप में देखते थे. राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने सावरकर पर मुसलमानों के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था.
सत्यकी सावरकर ने इसे पूरी तरह गलत और आधारहीन बताया. उनकी टीम ने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी ने अदालत में कुछ दस्तावेजों और तथ्यों के बारे में गुमराह करने की कोशिश की. अदालत इस मामले में सावरकर की विचारधारा और संबंधित ऐतिहासिक तथ्यों की जांच कर रही है. मामले की अगली सुनवाई 1 जून को होगी.