नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक ऐसा विवाद सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव में पिछले सप्ताह एक ऑर्केस्ट्रा (ओपेरा) कार्यक्रम का आयोजन हुआ था. इस आयोजन की शुरुआत मनोरंजन के नाम पर हुई, लेकिन जल्द ही इसमें अश्लील नृत्य की शिकायतें आने लगीं. ओडिशा से बुलाई गई महिला कलाकारों ने मंच पर अर्धनग्न होकर आपत्तिजनक प्रस्तुतियां दीं, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए.
इन वीडियो में साफ दिख रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर मैनपुर के एसडीएम (एसडीओ राजस्व) तुलसीदास मरकाम मौजूद थे. वे न केवल वहां बैठे रहे, बल्कि नोट उड़ाते और वीडियो रिकॉर्ड करते भी नजर आए. साथ ही कुछ पुलिसकर्मी भी इसी तरह की हरकतें करते दिखे . पैसे लुटाते, कलाकारों के साथ मस्ती करते और यहां तक कि किस जैसी हरकतें भी. सोशल मीडिया पर इन क्लिप्स के वायरल होने के बाद प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया.
The SDM of Mainpur was dancing with dancers and showering them with notes.
— BhagwaLens (@BhagwaLens) January 13, 2026
As soon as the video went viral, the officer was suspended. pic.twitter.com/kXok2DqYc9
गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने तुलसीदास मरकाम को उनके पद से हटा दिया और उन्हें कलेक्टरेट में संबद्ध कर दिया. एसडीएम के खिलाफ शो-कॉज नोटिस जारी किया गया, जिसमें उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन करने का दोषी ठहराया गया. एक जांच समिति गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट बाद में रायपुर संभागीय आयुक्त को भेजी जाएगी. कार्यक्रम में मौजूद प्रधान आरक्षक डिलोचन रावटे, आरक्षक शुभम चौहान और आरक्षक जय कुमार कंसारी को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया. उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है.
साथ ही एफआईआर दर्ज कर आयोजन समिति के 14 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया. आरोप है कि अनुमति सिर्फ सामान्य मनोरंजन के लिए ली गई थी, लेकिन बिना उचित रिपोर्ट के अश्लील सामग्री पेश की गई. एसडीएम पर मुख्य आरोप यह है कि कार्यपालिक दंडाधिकारी होने के नाते उनका फर्ज था कि ऐसे कार्यक्रम को रोकते, लेकिन वे खुद कई दिनों तक वहां मौजूद रहे और कोई रोक-टोक नहीं की.
यह पूरा प्रकरण सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा में है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब कानून के रखवाले ही ऐसी हरकतों में शामिल हों, तो आम आदमी से कानून का पालन कैसे उम्मीद की जाए? प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि सरकारी पद की गरिमा बनी रहे.