नई दिल्ली: महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित इलाके गढ़चिरौली में स्वास्थ्य विभाग की एक संविदा नर्स ने सोमवार देर रात घर में जहर खाकर जान देने की कोशिश की. वजह थी तालुका स्वास्थ्य अधिकारी का कई महीनों से लगातार यौन शोषण का दबाव. “संबंध बनाओगी तो ही दो साल से अटकी सैलरी बढ़वाऊंगा” – यही मैसेज बार-बार आ रहे थे. व्हाट्सऐप पर चल रही गंदी चैट के स्क्रीनशॉट भी अब पुलिस के पास हैं.
45 वर्षीय पीड़िता मुलचेरा तालुका के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सालों से संविदा पर काम कर रही थीं. ड्यूटी खत्म कर घर लौटीं, रात का खाना खाया, घरवाले सो गए और फिर उन्होंने जहरीला पदार्थ निगल लिया. परिजनों ने आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, वहां से जिला अस्पताल के ICU में शिफ्ट किया गया. अभी उनकी हालत क्रिटिकल बनी हुई है.
पति का बयान, “मेरी पत्नी रोज रोती थी. कहती थी, सर लगातार गंदे-गंदे मैसेज भेज रहे हैं, मान जाऊं तो सैलरी बढ़ेगी, न मानूं तो परमानेंट ब्लॉक कर देंगे. इसी टॉर्चर से वह टूट गई.” मामला सामने आते ही गढ़चिरौली पुलिस ने तुरंत जीरो FIR काटी. यौन उत्पीड़न, ब्लैकमेल और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराएं लगाई गई हैं. आरोपी अधिकारी के मोबाइल और चैट की जांच शुरू हो चुकी है.
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रताप शिंदे ने साफ कहा, “शिकायत की कॉपी मिली, कल सुबह तक निलंबन और विभागीय जांच का प्रस्ताव ऊपर भेज रहा हूं. स्वास्थ्य विभाग में ऐसी हरकतें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होंगी.” पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. नर्स की जान के लिए दुआएं की जा रही हैं और आरोपी अधिकारी पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग जोर पकड़ती जा रही है.