नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को जोरदार गिरावट दर्ज की गई. अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने और कूटनीतिक वार्ता शुरू होने के बाद ब्रेंट क्रूड 5% से ज्यादा गिरकर 92 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया.
क्यों हुई गिरावट?
भारत को कितनी राहत?
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर क्रूड कीमतें 90-92 डॉलर के आसपास स्थिर रहीं, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की कमी हो सकती है. हालांकि, यह राहत तभी मिलेगी जब तेल कंपनियां अपने घाटे की भरपाई कर लेंगी. वर्तमान में ब्रेंट क्रूड 91.89 डॉलर और WTI क्रूड 84.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है.