नई दिल्ली: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले मुंबई में राजनीतिक तनाव बुधवार को उस समय बढ़ गया जब शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के उम्मीदवार हाजी सलीम कुरेशी पर चाकू से हमला किया गया. यह घटना बांद्रा इलाके में हुई जब कुरेशी आगामी नागरिक चुनावों के लिए प्रचार कर रहे थे. यह घटना शाम करीब 5 बजे बांद्रा ईस्ट के ज्ञानेश्वर नगर इलाके में हुई, जब कुरेशी वार्ड नंबर 92 के लिए डोर-टू-डोर प्रचार में लगे हुए थे.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अज्ञात व्यक्तियों ने प्रचार के दौरान कुरेशी को रोककर उन पर हमला किया और पेट में चाकू से वार करके घायल कर दिया, इसके बाद मौके से फरार हो गए. इस अचानक हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और क्षेत्र में प्रचार गतिविधियां तुरंत रोक दी गईं. कुरेशी को महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू किया. मुंबई पुलिस ने बाद में पुष्टि की कि उन्हें कटने की चोटें आई हैं और वे खतरे से बाहर हैं, हालांकि वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं. घटना के तुरंत बाद पुलिस टीमों ने इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी. वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि हमलावरों का पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है.
हमले के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है, और जांचकर्ता सभी संभावित कोणों की जांच कर रहे हैं, जिसमें व्यक्तिगत दुश्मनी और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता भी शामिल है. किसी आगे की स्थिति से बचने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. इस हमले से शिंदे गुट की शिवसेना के समर्थकों में गुस्सा और चिंता फैल गई, जिनमें से कई अस्पताल के पास और घटनास्थल पर जमा हो गए और सुरक्षा में चूक का आरोप लगाया.
विभिन्न दलों के राजनीतिक नेताओं ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और उम्मीदवारों के लिए बेहतर सुरक्षा की अपील की है. उच्च दांव वाले बीएमसी चुनाव 15 जनवरी को होने वाले हैं और मतगणना 16 जनवरी को निर्धारित है, इस चाकू हमले से प्रचार अवधि के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. यह घटना मुंबई के तनावपूर्ण चुनावी माहौल में राजनीतिक हिंसा और उम्मीदवारों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को रेखांकित करती है.