नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन के बाद अब एक नया विवरण सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है. उनके निकट सहयोगी और एनसीपी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रमोद हिंदुराव ने एक शोक सभा में खुलासा किया कि हादसे से ठीक पहले अजित पवार का यात्रा प्लान पूरी तरह बदल गया था. शुरुआत में अजित पवार मुंबई से बारामती सड़क मार्ग से जाने वाले थे.
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तैयारी पूरी हो चुकी थी. बैग पैक हो गए थे, गाड़ी में सामान रख दिया गया था. लेकिन यात्रा से एक दिन पहले शाम को अचानक एक महत्वपूर्ण फोन आया. हिंदुराव के अनुसार, यह कॉल संभवतः प्रफुल्ल पटेल या किसी अन्य वरिष्ठ नेता का था. फोन पर मंत्रालय से जुड़ी एक अहम फाइल को तुरंत क्लियर करने की बात कही गई. इसके बाद अजित पवार ने अपने सचिव को दस्तावेज़ लाने के निर्देश दिए.
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फाइलें देर रात (लगभग 7:30-8 बजे) तक पहुंचीं. काम में इतनी देर लग गई कि सड़क यात्रा रात में संभव नहीं रह गई. नतीजतन, अगले दिन (28 जनवरी) उन्होंने चार्टर्ड विमान से जाने का फैसला लिया. दुर्भाग्य से, बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान ही Learjet-45 विमान क्रैश हो गया, जिसमें अजित पवार समेत सभी पांच लोग मारे गए. हिंदुराव ने शोकसभा में एक भावुक किस्सा भी सुनाया. अजित पवार के अंगरक्षक विदिप जाधव हमेशा उनके बगल में नहीं बैठते थे, लेकिन उस दिन पहली बार वे साथ बैठे और एक सेल्फी ली, जो परिवार को भेजी गई.
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यही तस्वीर उनकी आखिरी फोटो बन गई. इस बयान से राजनीतिक हलकों में सवाल और बढ़ गए हैं, खासकर जब रोहित पवार ने पहले ही साजिश के संकेत दिए थे. हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि डीजीसीए की जांच जारी है, ब्लैक बॉक्स बरामद हो चुका है और अंतिम रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए. फिलहाल, यह फोन कॉल, फाइल और आखिरी पल में बदला गया फैसला कई लोगों के मन में संदेह पैदा कर रहा है, लेकिन जांच पूरी होने तक सबूतों पर ही निर्भर रहना होगा.