नई दिल्ली: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद लद्दाखी सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया है. उन्होंने कहा कि यह जीत शांतिपूर्ण प्रदर्शन, धैर्य और Perseverance (दृढ़ता) की है. वांगचुक ने X पर लिखा, ''यह शांति, धैर्य और जुनून की जीत है. CJP, देश की Gen Z और पूरे देश के नागरिकों को बधाई, जिन्होंने डर को त्यागकर हर कोने से आवाज उठाई.''
उन्होंने आगे कहा कि अब जवाबदेही से आगे बढ़कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर ध्यान देना चाहिए. वांगचुक ने CJP और युवाओं की तारीफ करते हुए इसे सीधे सड़कों से निकली प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत बताया. उनका 26 दिन लंबा अनशन हाल ही में समाप्त हुआ था.
प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है. CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी इसे लोकतंत्र की जीत बताया है. हालांकि, आंदोलनकारी बाकी मांगों पर अभी भी सतर्क हैं. यह घटनाक्रम NEET विवाद पर चले लंबे छात्र आंदोलन का अहम मोड़ साबित हो रहा है.