नई दिल्ली: लद्दाखी कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने के लिए तीन स्पष्ट शर्तें रखी हैं. सफदरजंग अस्पताल के बिस्तर से जारी नोट में उन्होंने कहा कि अगर इनमें से कोई एक शर्त भी पूरी हो गई तो वे आज ही (20 जुलाई) अपना उपवास तोड़ देंगे.
वांगचुक ने नोट के अंत में लिखा, ''सफदरजंग अस्पताल में अवैध हिरासत से… जहां मेरी आवाजाही, बोलने और संचार की स्वतंत्रता प्रतिबंधित है.'' वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर थे. 18 जुलाई को 21वें दिन उन्हें जंतर मंतर से जबरन अस्पताल ले जाया गया. उन्होंने इसे अवैध हिरासत बताया है. उधर दिल्ली में भारी सुरक्षा, लाठीचार्ज और धारा 163 के बावजूद प्रदर्शनकारी NEET घोटाले और शिक्षा सुधार की मांग पर अड़े हुए हैं.