Fatehpur Tomb Controversy: समाजवादी पार्टी (सपा) ने फतेहपुर के नेता पप्पू सिंह चौहान को मंगलवार को "पार्टी विरोधी गतिविधियों" के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया. यह कार्रवाई फतेहपुर में 200 साल पुराने एक मकबरे पर तोड़फोड़ की कोशिश और भगवा झंडे फहराने के मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के एक दिन बाद हुई.
सोमवार को फतेहपुर जिले के मांगी मकबरे पर हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों के सदस्यों ने हंगामा मचाया. उनका दावा था कि यह एक मंदिर स्थल है, जहां उन्हें पूजा करने का अधिकार है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने अभिषेक शुक्ला के नेतृत्व में लगभग 160 लोगों के समूह के खिलाफ FIR दर्ज की, जिसमें पप्पू चौहान (सपा), धर्मेंद्र सिंह (बजरंग दल), अभिषेक शुक्ला (बीजेपी), अजय सिंह (जिला पंचायत सदस्य), देवनाथ धाकड़ (बीजेपी), विनय तिवारी (नगर पार्षद), पुष्पराज पटेल, रितिक पाल (बीजेपी), और प्रसून तिवारी (बीजेपी) के नाम शामिल हैं.
मकबरे को मंदिर बताने का दावा
FIR के अनुसार, यह घटना अबुनगर के मांगी मकबरे पर हुई, जहां समूह ने झंडे, डंडे और रॉड लेकर मकबरे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और इसे थाकुर द्वारा मंदिर घोषित करने की मांग की. यह प्रदर्शन मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति द्वारा आयोजित था, जिसने इस स्थल को मंदिर के रूप में मान्यता देने के लिए मार्च का आह्वान किया था. स्थानीय प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले भर से पुलिस बल तैनात किया था.