US-Iran War: ताबड़तोड़ हमले, गाली-गलौच की भाषा, ईरानी सेना को खत्म करने का दावा और फिर सत्ता परिवर्तन के ऐलान के बाद भी ट्रंप के हाथ क्यों कुछ नहीं लगा, ईरान कैसे इस जंग में जीत गया, और ट्रंप की 5 गलतियों ने अमेरिका के माथे पर बड़ा कलंक लगा दिया, इसकी पूरी क्रोनोलॉजी सामरिक मामलों के जानकार ब्राह्म चेलानी ने समझाई है, जिसके बारे में पहले सुनिए, फिर बताते हैं क्या सीजफायर के बाद अब ट्रंप की कुर्सी जा सकती है, और पाकिस्तान जंग रुकवाकर परेशान क्यों है...
इन 5 मोर्चों पर हुई ट्रंप की हार
शायद यही वजह है कि पहले युद्ध की वजह से अमेरिका को हो रहे नुकसान के खिलाफ 80 लाख लोग सड़कों पर उतरे थे, और अब 85 डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप को राष्ट्रपति पद से हटाने की मांग की है. उनका दावा है कि सीजफायर का फैसला काफी देर से लिया गया इसलिए 25वें संविधान संशोधन के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अयोग्य घोषित कर पद से हटाया जा सकता है.
इसकी आशंका इसलिए भी जताई जाने लगी है क्योंकि जब जंग का ऐलान हुआ था, और नेतन्याहू ट्रंप से सीक्रेट मीटिंग करने पहुंचे थे, तो उस वक्त उपराष्ट्रपति जेडी वेंस वहां मौजूद नहीं थे, और उन तक जब ये ख़बर पहुंची तो वो शुरुआत में युद्ध के खिलाफ थे. अमेरिका के बड़े-बड़े अधिकारी भी इस युद्ध के परिणाम को लेकर सवाल पूछ रहे थे, लेकिन ट्रंप ने व्हाइट हाउस के अधिकारियों से ज्यादा इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू की बातों पर ज्यादा भरोसा किया, जिन्होंने कहा था ये हमले का सही वक्त है, अगर हमला नहीं किया तो खतरा ज्यादा हो सकता है. चार चरणों में इस ऑपरेशन को पूरा किया जा सकता है.
ट्रंप को ये सारी बातें वीडियो गेम की तरह लग रही थीं, और पहले चरण में इजरायल ने इसीलिए सीधा खामेनेई को निशाना भी बनाया, पर ईरान ने इनकी पूरी प्लानिंग पर पानी फेर दिया, वहां की सेना ने जिस हिसाब का जवाब दिया, उसकी उम्मीद न ट्रंप ने की थी, न नेतन्याहू ने...नतीजा आज ट्रंप अपने ही घर में घिर चुके हैं, और नेतन्याहू इजरायल की जनता को ये नहीं बता पा रहे कि इस युद्ध में नुकसान के अलावा उन्हें क्या हासिल हुआ. क्योंकि ईरान अभी भी ये दावा कर रहा है कि संवर्धित परमाणु उसके पास ही है, उसने सीजफायर की शर्तों में भी ये बात लिखी है...
हद तो तब हो जाती है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के पोस्ट को लोग पहले से ड्राफ्ट और अमेरिका के आदेश पर लिखा हुआ बताते हैं, और ईरान साफ कहता है हमें पाकिस्तान पर भरोसा नहीं, चीन और रूस गारंटी दें कि भविष्य में अमेरिका-इजरायल ऐसा नहीं करेंगे. यानि ऐसा लगता है जैसे, ईरान अभी भी जंग को तैयार है, पर ट्रंप ने पांव पीछे लिए हैं....