पटना: बिहार में NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्र आंदोलन पर पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है. उपद्रव करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारियां हो रही हैं, जिसके बाद विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने सरकार पर दमनकारी रवैये का आरोप लगाया है. AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा दिल्ली से पटना पहुंच गई हैं. वे गिरफ्तार छात्रों और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करेंगी.
CPI(ML) लिबरेशन का आरोप
पार्टी ने कहा कि जंतर-मंतर समझौते के बावजूद सरकार आंदोलनकारियों के खिलाफ धरपकड़ अभियान चला रही है. सिवान में Revolutionary Youth Association के चार नेताओं को गिरफ्तार किया गया है. कई छात्र नेता और कार्यकर्ता अभी भी जेल में हैं, जिनमें CPI(ML) के विधायक संदीप सौरव, JNU छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष धनंजय, एआईएसए के बिहार सचिव दीपांकर मिश्रा आदि शामिल हैं.
नए आंदोलन की तैयारी
पार्टी ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी गिरफ्तार छात्रों-कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया जाता और उनके खिलाफ मामले वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. इसे पूरे बिहार में और व्यापक रूप दिया जाएगा. बिहार में छात्र आंदोलन अब नया मोड़ लेता दिख रहा है. विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश में लगा है. पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
उधर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रक्ताओं ने भी कानूनी मदद के लिए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से संपर्क किया है. CJP के प्रवक्ता अशुतोष रंका ने कहा कि अगर बिहार, बंगाल और अन्य राज्यों में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIRs वापस नहीं ली गईं और गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो उन्हें फिर से धरने पर बैठना पड़ेगा.