नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था, NEET पेपर लीक और युवाओं के भविष्य को लेकर चल रहे सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह भी मैदान में आ गए हैं. उन्होंने सोनम वांगचुक को एक खुला पत्र लिखकर और जंतर मंतर पर पहुंचकर अनशन तुरंत समाप्त करने की अपील की है. इससे पहले विकास सिंह ने पत्र में लिखा कि वे चिंता और जिम्मेदारी की भावना से यह अपील कर रहे हैं.


उन्होंने सोनम वांगचुक की शिक्षा क्षेत्र में दी गई सेवाओं की तारीफ करते हुए कहा, ''आपने उन छात्रों के लिए नई उम्मीद जगाई जिन्हें समाज ने नजरअंदाज कर दिया था. लेकिन देश को किसी आंदोलनकारी की बलि नहीं, बल्कि एक जीवित मार्गदर्शक की जरूरत है जो लंबे समय तक समाज के लिए काम कर सके.'' उन्होंने आगे कहा कि भारत को टूटे सिस्टम के लिए सोनम वांगचुक की जान नहीं, उनकी जिंदगी चाहिए. सरकारें और नेता बदलते रहते हैं, लेकिन सच्चा समाज सुधार हमेशा जीवित रहता है.
पत्र में विकास सिंह ने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अब वह दौर चला गया जब मंत्री गलती की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देते थे. आज लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, लेकिन सत्ता पक्ष में न शर्म है और न ही जवाबदेही का एहसास.
सोनम वांगचुक लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक हैं. वे शिक्षा नीति, पर्यावरण और युवा मुद्दों पर लगातार आवाज उठाते रहे हैं. उनका अनशन कई दिनों से जारी है और उनकी तबीयत बिगड़ने की खबरें भी आ रही हैं. कई नेता और कार्यकर्ता उनके समर्थन में उतरे हुए हैं.