नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन पूरी तरह बंद करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई. देश की सबसे बड़ी अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. याचिका में कहा गया है कि सुरक्षा, आवाजाही और जरूरी सेवाओं की वजह से जंतर-मंतर अब बड़े प्रदर्शनों के लिए उपयुक्त नहीं रह गया है.
याचिकाकर्ता ने हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद चलो मार्च और अरविंद केजरीवाल की E20 नीति के खिलाफ घोषणाओं का भी जिक्र किया. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से निर्देश लेने को कहा. CJI ने कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दे महत्वपूर्ण हैं. अदालत ने नोटिस जारी कर मामले को अलग से सूचीबद्ध करने का आदेश दिया. याचिका में यह भी मांग की गई है कि विरोध प्रदर्शनों के लिए किसी दूसरे स्थान को निर्धारित किया जाए.
इससे पहले पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने भी रामलीला मैदान को वैकल्पिक स्थल बनाने की सलाह दी थी. जंतर-मंतर लंबे समय से अन्ना आंदोलन, निर्भया कांड, महिला पहलवानों के प्रदर्शन और हालिया CJP मार्च जैसी घटनाओं का केंद्र रहा है.