नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने CJP (Cockroach Janta Party) के छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्रों को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश दिए हैं. आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ''18 साल से कम उम्र के सभी छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए. जिन छात्रों के खिलाफ कोई पुराना क्रिमिनल केस नहीं है, उन्हें भी रिहा किया जाए. छात्रों के खिलाफ दर्ज FIRs पर कोई कोर्सिव एक्शन (जबरन कार्रवाई) न की जाए.''
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने स्पष्ट किया कि यह राहत उन छात्रों पर लागू नहीं होगी जिनके खिलाफ पहले से क्रिमिनल बैकग्राउंड है. कोर्ट ने पुलिस की अत्याचार की शिकायतों पर हाई-पावर्ड कमिटी से जांच कराने का भी संकेत दिया है. साथ ही पुलिस पर हमले की घटनाओं की भी जांच होगी.
किन राज्यों को नोटिस?
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के अलावा महाराष्ट्र, बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकारों को नोटिस जारी किया है. यह आदेश उन याचिकाओं पर आया है जिसमें छात्रों पर पुलिस अत्याचार की शिकायत की गई थी, जिसमें 20 जुलाई का संसद मार्च भी शामिल है.