कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत की आंच साफ नजर आ रही है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता को पार्टी विरोधी टिप्पणियों के आरोप में 6 साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया है. सस्पेंड होने के बाद रिजू दत्ता ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर जमकर निशाना साधा है. रिजू दत्ता ने दावा किया कि ममता बनर्जी के खिलाफ ED का एक मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. अगर फैसला उनके खिलाफ आया तो उन्हें जेल भी हो सकती है.
मैं, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता के रूप में, आईपीएस अजय पाल शर्मा के बारे में एक वीडियो बनाया था। अब मेरी पार्टी ने मुझे सच बोलने के कारण निलंबित कर दिया है।
— ???????????????? ???????????????????? (@DrRijuDutta_TMC) May 10, 2026
वह क्लिप वायरल हो चुकी है और भाजपा का पूरा आक्रोश व्यक्तिगत रूप से मुझ पर आ रहा है।
मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि… pic.twitter.com/IUO48OG434
रिजू दत्ता ने X पर लिखा, ''दीदी (ममता बनर्जी) और अभिषेक बनर्जी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि कैसे एक बाहरी संगठन (I-PAC) पूरी पार्टी पर कब्जा करने में कामयाब हो गया. जब प्रतीक जैन के घर पर ED के छापे पड़े, तो दीदी पार्टी का डेटा सुरक्षित करने के लिए तुरंत पहुंच गईं.
आज उनके खिलाफ ED का मामला सुप्रीम कोर्ट में है और अगर फैसला उनके खिलाफ आता है तो जेल भी हो सकती है.'' उन्होंने आगे कहा कि दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होने के ठीक अगली सुबह I-PAC के डायरेक्टर विनेश चंदेल को जमानत मिल गई. इससे साफ है कि मामला स्टेज किया गया था.
सस्पेंशन की क्या है वजह?
TMC ने रिजू दत्ता को पार्टी अनुशासन भंग करने और अनुशासन समिति के समक्ष पेश न होने के आरोप में 6 साल के लिए सस्पेंड किया है. रिजू दत्ता ने दावा किया कि उन्हें IPS अजय पाल शर्मा के खिलाफ वीडियो बनाने के लिए सस्पेंड किया गया, जबकि वह वीडियो पार्टी लाइन पर बनाया गया था.
उन्होंने IPS अजय पाल शर्मा से बिना शर्त माफी भी मांग ली है और कहा कि अब वे एक सामान्य व्यक्ति के रूप में शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं. रिजू दत्ता ने 13 साल TMC को दिए बताते हुए कहा कि वे ''नेपो किड'' नहीं हैं, इसलिए पार्टी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया. यह घटना TMC में हार के बाद शुरू हुई आंतरिक कलह को उजागर करती है.