कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा संदेश देने वाले फैसले के तहत मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ऐलान किया है कि 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई राजनीतिक हिंसा में मारे गए भाजपा के 321 कार्यकर्ताओं के परिवारों को सरकारी नौकरी दी जाएगी. दक्षिण 24 परगना के फाल्टा में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि इन परिवारों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा, सरकार उनकी जिम्मेदारी उठाएगी.
भाजपा लंबे समय से दावा करती रही है कि 2021 चुनाव के बाद राज्यभर में उसके सैकड़ों कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी. पार्टी इन मृतकों को लोकतंत्र के शहीद बताती रही है. अब सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने इस मुद्दे को सीधे सरकारी फैसले से जोड़ दिया है. सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि 321 परिवारों में से प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी. साथ ही आर्थिक सहायता और पुनर्वास की योजना भी तैयार की जा रही है.
इस घोषणा को बंगाल की राजनीति में बड़ा टर्निंग प्वाइंट माना जा रहा है. भाजपा इसे अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान और राजनीतिक संघर्ष की पहचान बता रही है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश करार दे रहा है. टीएमसी पहले भी भाजपा के पोस्ट पोल वायलेंस के आरोपों को खारिज करती रही है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला सिर्फ राहत योजना नहीं बल्कि भाजपा कैडर को बड़ा संदेश है कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है. 2026 के बाद बंगाल में बदलती राजनीतिक तस्वीर के बीच सुवेंदु सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जिनसे भाजपा अपने समर्थकों के बीच मजबूत पकड़ बनाना चाहती है.
हालांकि अभी तक सरकार की ओर से विस्तृत अधिसूचना जारी नहीं हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नौकरी देने की प्रक्रिया, पात्रता और विभागों का चयन कैसे किया जाएगा।