कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी शपथ ग्रहण के तुरंत बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को 'जय श्रीराम' के नारे लगाने से रोक दिया. सुवेंदु अधिकारी जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी (रवींद्रनाथ टैगोर का पैतृक निवास) पहुंचे थे. वहां मौजूद भीड़ जब 'जय श्रीराम' के नारे लगाने लगी तो उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया और कहा कि यह जगह ऐसे नारे लगाने की नहीं है. यहां केवल 'कबिगुरु' का नाम लेना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा, ''अब मैं किसी एक दल का नहीं, पूरे बंगाल का हूं. यह राजनीतिक खींचतान या नारेबाजी का समय नहीं है. आगे बहुत बड़ी जिम्मेदारियां हैं. बंगाल की संस्कृति और शिक्षा को जो नुकसान पहुंचा है, उसे सुधारना हमारा मुख्य लक्ष्य है.''
शपथ के बाद सीधे टैगोर के घर पहुंचे
9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ लेने के कुछ देर बाद सुवेंदु अधिकारी सीधे जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी पहुंचे. उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर की प्रतिमा के सामने घुटनों के बल बैठकर श्रद्धांजलि अर्पित की. सुवेंदु ने कहा कि गुरुदेव टैगोर के आदर्शों और विचारों से बंगाल को नई दिशा मिलनी चाहिए. उन्होंने इसे अपनी मुख्यमंत्री पद की शुरुआत के लिए शुभ संकेत बताया.
रबींद्र भारती विश्वविद्यालय से भी जुड़ाव
ठाकुरबाड़ी परिसर में स्थित रबींद्र भारती विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी और अन्य अधिकारियों से मुख्यमंत्री ने मुलाकात की. बता दें कि सुवेंदु अधिकारी खुद इसी विश्वविद्यालय से पढ़े हैं और उन्होंने यहां पर्यावरण अध्ययन में मास्टर्स किया है.
चुनावी जीत के बाद बदल गया रुख
बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को 207 सीटों की बड़ी जीत मिलने के बाद सुवेंदु अधिकारी राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बने हैं. शपथ ग्रहण के बाद उनके बयानों से साफ है कि वे अब विवादित मुद्दों से दूर रहकर पूरे राज्य की एकता और पुनर्निर्माण पर जोर देना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बंगाल को बहुत नुकसान झेलना पड़ा है और अब सबको मिलकर इसे फिर से खड़ा करना होगा.