मौलाना खलीलुर रहमान सज्जाद नोमानी ने एक बार फिर से विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने मुस्लिम समुदाय से कहा कि जो लोग बीजेपी को वोट देंगे, उनका हुक्का-पानी बंद कर देना चाहिए. इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव आयोग से शिकायत की है और कार्रवाई की मांग की है. फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर भी अपने पति फहद अहमद के साथ नोमानी से मिलने पहुंचीं, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज हो गई है.
मौलाना खलीलुर रहमान सज्जाद नोमानी का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वह मुस्लिम समुदाय से कह रहे हैं, "जो बीजेपी का साथ दे, उन लोगों का हुक्का-पानी बंद होना चाहिए." इस बयान के बाद बीजेपी ने चुनाव आयोग से शिकायत की है और नोमानी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने कहा कि इस प्रकार के बयान न केवल समाज में घृणा फैलाते हैं, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ भी हैं.
स्वरा भास्कर, जो पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रही हैं, इस बार अपने पति फहद अहमद के साथ मौलाना नोमानी से मिलने उनके घर पहुंची. फहद ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएँ शुरू हो गईं.
विपक्षी दलों पर निशाना:
भा.ज.पा. नेता किरीट सोमैया ने मौलाना नोमानी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा, "क्या शरद पवार को शर्म नहीं आती? क्या वे हिंदुओं के खिलाफ इस प्रकार की भाषा के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे?" सोमैया ने यह भी कहा कि शरद पवार और अन्य विपक्षी नेता मौलाना नोमानी जैसे विवादित बयानों को लेकर चुप रहते हैं.
महिलाओं के खिलाफ विवादित बयान:
मौलाना नोमानी के लिए यह पहला विवादित बयान नहीं है. पिछले साल अप्रैल में उन्होंने कहा था कि रमजान के दौरान लड़कियों को अकेले स्कूल या कॉलेज नहीं भेजना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना इस्लाम के खिलाफ है. इस बयान ने भी काफी बवाल मचाया था. नोमानी का यह बयान मुस्लिम अभिभावकों को भड़काते हुए था, जिसमें उन्होंने कहा था कि लड़कियां स्कूल या कॉलेज में क्या करती हैं, यह उनके माता-पिता को नहीं पता होना चाहिए.
‘लव जिहाद’ का आरोप:
सितंबर 2021 में भी नोमानी का एक और वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने हिंदू लड़कों पर 'लव जिहाद' का आरोप लगाया था. उन्होंने दावा किया था कि 5000 मुस्लिम लड़कियां हिंदू लड़कों के साथ भागकर शादी कर चुकी हैं. नोमानी ने कहा था कि यह सब सुनियोजित साजिश के तहत हो रहा है, जिसमें हिंदू लड़के मुस्लिम लड़कियों को फंसाने के लिए विशेष तरीके अपनाते हैं.
तालिबान का समर्थन:
2021 में तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद, नोमानी ने तालिबान के लिए अपनी तारीफों के पुल बांधे थे. उन्होंने तालिबान को एक निहत्थी कौम द्वारा दुनिया की सबसे मजबूत सेना को हराने वाली ताकत के रूप में प्रस्तुत किया था और उनके 'हौसले' की सराहना की थी.
मौलाना नोमानी का यह बयान और उनकी विचारधारा समाज में घृणा और विभाजन को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है. बीजेपी और अन्य राजनीतिक दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और ऐसे बयानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. वहीं, स्वरा भास्कर की मौलाना नोमानी से मुलाकात ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है. अब देखना यह है कि चुनाव आयोग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है.