नई दिल्ली: 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा भारत आ चुका है, जिसेक बाद सब जानना चाहेत हैं कि ये है कौन? और पाकिस्तान में क्या-क्या करता था. मुंबई हमले के अलावा और कौन-कौन से देश में इसने गुनाह किये हैं?
तहव्वुर हुसैन का जन्म पाकिस्तान के साहिवाल जिले में हुआ था, इसका झुकाव बचपन से ही सेना की तरफ था, लेकिन पिता की जिद के चलते तहव्वुर को डॉक्टरी की पढ़ाई करनी पड़ी और ये डॉक्टर बन जाता है. लेकिन इसके अंदर पल रहा शैतान इसे यहां भी रास्ता दिखाता है, और तहव्वुर सेना में बतौर डॉक्टर भर्ती हो जाता है. धीरे-धीरे सेना के बड़े अफसरों के साथ दोस्ती बनाने लगता है, वहीं पाक आर्मी के लोग जब इसके अंदर पल रहे जहर को देखते है तो इसे ISI में भेज दिया जाता है.
ISI से हटाकर आतंकी मिशन पर भेजा
तहव्वुर की एंट्री जब ISI में होती है तो वहां भी ये बड़े-बड़े अधिकारियों से संपर्क बनाता है, फिर वही अधिकारी इसकी डॉक्टरी की डिग्री को देखते हुए तव्वुर का इस्तमाल कहीं और करने की सोचते हैं. इसी प्लानिंग के तहत 1998 में सेना की नौकरी छुड़वा कर कनाडा भेज देते हैं.
हेडली के संपर्क में आया तहव्वुर
कनाडा में रहने के दौरान तहव्वुर ISI के एजेंट की तरह काम करता है, यहां वो पाकिस्तानी जासूसों को सुविधाएं मुहैया कराने लगता है, डॉक्टर होने की वजह से इसे कनाडा की नागरिकता भी आसानी से मिल जाती है. कनाडा में पूरा नेटवर्क तैयार करने के बाद तहव्वुर अमेरिका में शिकागो पहुचता है, जहां वो अपना ऑफिस बनाता है, यहीं उसकी मुलाकात डेविड केलमैन हेडली से होती है. और ये हेडली के साथ मिलकर आतंक की पाठशाला चलाने लगता है.
पत्नी के साथ भारत आया था तहव्वुर
तहव्वुर अपनी पत्नी के साथ पहले भारत घूमने के लिए आया था, जहां वो दिल्ली, उत्तर प्रदेश के आगरा, केरल के कोच्चि, अहमदाबाद और मुंबई की यात्रा करता है, असल में ये यात्रा सिर्फ घूमने फिरने के लिए नहीं थी, बल्कि इसका मकसद भारत में हमले के लिए रेकी करना था. इसके बाद ही ये ISI के साथ मिलकर मुंबई में ब्लास्ट करने का प्लान बनाता है. और इस पूरे हमले के मास्टरमाइंड हेडली को असिस्ट करता है. उसे भारत में हर सुविधा मुहैया कराने का काम भी तहव्वुर ही करता है. साल 2008 में हुए इस आतंकी हमले के मामले में तहव्वुर का नाम 2011 में डेविड कोलमन हैडली के सहयोगी के तौर पर सामने आया था. लेकिन उसकी गिरफ्तारी अमेरिका में हुई थी, डेनमार्क के हमलों मे साजिशकर्ता के रूप में. इसके बाद एक बात तो ये भी साफ हो चुकी है कि दुनिया में ना जाने कितने आतंकी हमलों में तहव्वुर शामिल रहा होगा. कहीं हथियार पहुंचाए होंगे, तो कहीं अन्य मदद की होंगी. लेकिन अब ये आतंकी भारत के शिकंजे में फंस चुका है, और देश की जनता ने अभी से इस आतंकवादी को फांसी की सजा देने की मांग उठानी शुरू कर दी है.