बच्चे स्कूलों में अक्सर शैतानियां करते रहते हैं और टीचर से लेकर प्रिंसिपल तक उनकी नादानियों को नजरअंदाज कर देते हैं या फिर उन्हें इसके लिए सजा देते हैं. लेकिन पश्चिम बंगाल में एक स्कूल को बच्चे की एक हरकत शैतानी लगी और उन्होंने उसकी बात को नजरअंदाज किया, जिसके चलते बच्चे की स्कूल में मौत हो गई. पुलिस ने इस मामले में हेडमास्टर को अरेस्ट कर लिया है.
पश्चिम बंगाल के कायोटा स्थित कोशीग्राम यूनियन हाई स्कूल में एक चौथी कक्षा के छात्र, इंद्रजीत माजी, की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. इंद्रजीत की मौत एक सांप के काटने के कारण हुई, जिससे उसके परिवार और समाज में आक्रोश फैल गया है. इस घटना के बाद, स्कूल के हेडमास्टर पूर्णेंदु बंद्योपाध्याय को कटवा थाने की पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है.
दरअसल यह घटना मंगलवार को हुई, जब इंद्रजीत स्कूल जा रहा था. स्कूल में पहुंचने पर उसने हेडमास्टर को सांप के काटने की जानकारी दी. हेडमास्टर ने उसे एक कर्मचारी से इलाज कराने के लिए कहा. कर्मचारी ने उसे घाव पर डेटॉल लगाने के बाद छोड़ दिया और इंद्रजीत को क्लास में जाने के लिए मजबूर किया. इसके बाद इंद्रजीत स्कूल में पढ़ाई करता रहा, जबकि उसकी तबियत खराब होती जा रही थी.
जब इंद्रजीत घर पहुंचा, तो वह बहुत कमजोर लग रहा था. कुछ समय बाद, उसे उल्टी होने लगी. शाम चार बजे के आसपास परिवार वालों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इंद्रजीत के माता-पिता ने स्कूल के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि स्कूल की लापरवाही के कारण उनके बेटे की मौत हुई.
इस मामले में पुलिस ने परिवार की शिकायत पर हेडमास्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इस घटना के बाद से स्कूल के अन्य शिक्षकों ने हेडमास्टर की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन किया है.
यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कितनी सावधानी बरती जा रही है. बच्चों को गंभीर स्थिति में अनदेखा करना और उन्हें मजबूर करना एक गंभीर अपराध है. हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसा दोबारा न हो.