पटना: बिहार में नई NDA सरकार बनते ही पूरे राज्य में अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर बुलडोजर तेज हो गए हैं. पटना, नालंदा, सीतामढ़ी, भोजपुर, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में सैकड़ों झुग्गियां, कच्चे मकान और छोटी-छोटी दुकानें जमींदोज कर दी गई हैं. नवंबर की शुरुआती ठंड में ही हजारों गरीब परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं. इस अमानवीय कार्रवाई पर अब RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला है.
तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखकर गृहमंत्री सम्राट चौधरी और पूरी नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने लिखा, “नवंबर-दिसंबर-जनवरी में जब हड्डियां जमाने वाली ठंड पड़ती है, उस वक्त किसी गरीब का आशियाना छीन लेने का दर्द क्या होता है – इसे हमसे बेहतर कौन समझ सकता है? छोटे-छोटे बच्चे, मां-बहनें और बूढ़े मां-बाप सड़क पर रात गुजारने को मजबूर हैं. नए गृह मंत्री को ये सब दिखाई नहीं दे रहा क्या?”
उन्होंने आगे लिखा, “हजारों गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित परिवार आज बेघर होकर रो रहे हैं. उनकी आंखों के आंसू कोई नहीं पोछ रहा. लगता है बिहार से ‘सामाजिक न्याय’ की बात करने वालों ने सामाजिक न्याय को ही दफन कर दिया है.” उन्होंने मांग की है कि गरीबों के मकानों पर बुलडोजर तुरंत रोका जाए. जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उन्हें फौरन रहने की वैकल्पिक व्यवस्था और उचित मुआवजा दिया जाए.
अंत में तेज प्रताप ने कड़ी चेतावनी देते हुए लिखा, “गरीबों के ये आंसू और उनकी बद्दुआ किसी को नहीं छोड़ेगी. वक्त आने पर जनता-जनार्दन एक-एक आंसू का हिसाब जरूर लेगी.” तेज प्रताप की इस पोस्ट के बाद बिहार की सियासत में एक बार फिर बुलडोजर अभियान गरम मुद्दा बन गया है.