नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के बीच वादों और इरादों का दौर जारी है. एनडीए जहां महिलाओं को 10 रुपये देकर बड़ा दांव खेल रहा है, वहीं तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन ने हर घर में सरकारी नौकरी देने का वादा किया है. इसी बीच अंदेशा जताया जा रहा था कि अगर इस बार नीतीश कुमार की सरकार नहीं बनी तो बिहार में शराबबंदी कानून खत्म कर दिया जाएगा. लेकिन इस पर अब आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने चुप्पी तोड़ी है.
उन्होंने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने के बाद भी शराबबंदी कानून को निरस्त नहीं किया जाएगा. हालांकि उन्होंने इस कानून में संशोधन की बात कही है.तेजस्वी यादव ने कहा कि शराबबंदी कानून ने पासी समाज को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है, जबकि ताड़ी कोई नशे वाली चीज नहीं, बल्कि प्राकृतिक पेय पदार्थ है. उन्होंने आगे जोड़ा कि अगर उनकी सरकार बनती है तो ताड़ी को शराबबंदी कानून से हटा दिया जाएगा, ताकि पासी समाज की आजीविका पर पड़े असर को न्यूनतम किया जा सके.
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें अल्कोहल नहीं होता, फिर भी इसे मौजूदा कानून में शामिल किया गया है, जिससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी छिन गई है. उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद. बिहार प्रोहिबिशन एंड एक्साइज एक्ट की समीक्षा की जाएगी तथा ताड़ी और महुआ आधारित व्यवसायों को मद्यनिषेध कानून के दायरे से अलग किया जाएगा.
इसके बाद बिहार के विभिन्न जेलों में बंद गरीबों और दलितों को तत्काल राहत दी जाएगी. उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि जिनका व्यवसाय ही ताड़ी है, उनके लिए प्रतिबंध अन्यायपूर्ण है, क्योंकि इनके पास न तो कोई दूसरा रोजगार है, न ही खेती के लिए जमीन; इसलिए इसे हटाना जरूरी है.