नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बांदा में नौकरी का झांसा देकर तीन लड़कियों के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है. तीनों लड़कियां दोस्त बताई जा रही हैं. इनमें से एक दलित पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. वहीं मामला प्रकाश में आने पर पूरे इलाके में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई. घटना ने एक बार फिर राज्य में महिला सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए.
दरअसल, दलित पीड़िता ने शनिवार को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा कि तीन आरोपियों ने मिलकर जबरन शराब पिलाई और दुष्कर्म कर न्यूड वीडियो बनाकर रख लिए. आरोपी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर बार-बार यौन शषण करते थे. तीनों आरोपी बड़े व्यापारी बताए जा रहे हैं. एक आरोपी गुटखा कारोबार से जुड़ा हुआ है. हालांकि मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
बबेरू के एक गांव निवासी दलित पीड़िता ने पुलिस को दी गई तहरीर में कहा कि वह और उनकी दो सहेलियां नौकरी की तलाश कर रही थी. इसी बीच उसकी मुलाकत अलीगंज निवासी नवीन कुमार से हुई. नवीन ने उनकी मुलाकात जिला परिषद चौराहा के पास रहने वाले आरोपी आशीष अग्रवाल, डीएवी इंटर कॉलेज के बगल में रहने वाले स्वतंत्र साहू और पलहारी गांव निवासी लोकेंद्र सिंह चंदेल से कराई.
तीनों बड़े कारोबारी हैं. पीड़िता ने आरोप लगाया कि नौकरी झांसा देखर आरोपियों ने जबरन शराब पिलाकर दुष्कर्म कर न्यूड वीडियो बनाकर रख लिए और वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल कर यौन शोषण करने लगे. वहीं जब नौकरी की बात की तो इधर-उधर की बात करने लगे. इसके बाद पीड़िताओं ने आरोपियों से दूरियां बना लीं. एक दिन आरोपियों ने फिर बुलाया और अश्लील वीडियो दिखाए.
आरोपियों ने एक बार फिर धमकी देते हुए कहा कि अगर उनकी बात नहीं मानी तो वीडियो वायरल कर देंगे. इसके बाद पीड़िता ने सीओ सिटी से मिलकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और पूरे मामले की जांच करने में जुट गई है. हालांकि अभी पुलिस की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है. तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं.