छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में रविवार को फव्वारा चौक पर वोट चोरी के विरोध में युवक कांग्रेस का प्रदर्शन एक दर्दनाक हादसे में बदल गया. पुतला दहन के दौरान पेट्रोल छिड़कने से आग तेजी से भड़क उठी, जिसमें तीन पुलिसकर्मी बुरी तरह झुलस गए. इस घटना ने राजनीतिक विवाद को हवा दे दी है, जबकि प्रशासन ने अनुमतिबिना प्रदर्शन पर सख्ती जताई है.
घटना की जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पुतला जलाने की प्रक्रिया शुरू की, तभी किसी ने अचानक पेट्रोल डाल दिया. इससे आग अनियंत्रित हो गई और बुझाने की कोशिश में जुटे पुलिस वाले इसकी चपेट में आ गए. घायलों को फौरन जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है. घायल पुलिसकर्मियों की पहचान सब-इंस्पेक्टर नारायण बघेल, हेड कॉन्स्टेबल युवराज रघुवंशी और कॉन्स्टेबल विकास बैस के रूप में हुई है.
कोतवाली टीआई आशीष कुमार ने बताया कि ज्वलनशील सामग्री के इस्तेमाल से यह दुर्घटना घटी. पुलिस सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और उपलब्ध वीडियो की छानबीन कर रही है, तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. एसडीएम सुधीर जैन ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन से कोई मंजूरी नहीं ली थी, और पूरे मामले की गहराई से जांच चल रही है.
युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष गोलू पटेल ने घटना से अपने कार्यकर्ताओं को जोड़ने से साफ इनकार किया. उन्होंने कहा कि पुतला दहन के वक्त एक अज्ञात शख्स ने पेट्रोल डालने की कोशिश की थी, और इसका जिम्मेदार उनके संगठन को नहीं ठहराया जा सकता. इधर, छिंदवाड़ा के सांसद विवेक बंटी साहू ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला. पूर्व सीएम कमलनाथ और राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए उन्होंने इसे सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया.