PCS Meenakshi Bhatia : ऋषिकेश की मीनाक्षी भाटिया ने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर एसडीएम पद पर चयनित होकर यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती. बेहद साधारण परिवार से आने वाली मीनाक्षी की सफलता आज हजारों युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है.
प्रगति विहार निवासी मीनाक्षी ने बताया कि वह इससे पहले यूपीएससी परीक्षा के इंटरव्यू तक पहुंची थीं, लेकिन मात्र पांच अंकों से चयन से वंचित रह गईं. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और पहली ही कोशिश में उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा पास कर एसडीएम बनने का सपना पूरा कर लिया. इससे पहले उनकी बड़ी बहन शिल्पा भाटिया भी उत्तराखंड पीसीएस में चयनित होकर सांख्यिकी अधिकारी बन चुकी हैं और वर्तमान में पौड़ी में तैनात हैं.
दोनों बहनों का संघर्ष बेहद प्रेरणादायक रहा है. पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां नीलम भाटिया पर आ गई. परिवार चलाने के लिए मां ने टिफिन सेवा शुरू की, जिसमें दोनों बेटियां पढ़ाई के साथ पूरा सहयोग करती थीं. वे पैदल और बाद में स्कूटी से घर-घर टिफिन पहुंचाती थीं। साथ ही शिल्पा ने ट्यूशन सेंटर चलाया और मीनाक्षी भी पढ़ाकर परिवार की आर्थिक मदद करती रहीं.
मीनाक्षी बताती हैं कि जब वह मात्र डेढ़ साल की थीं, तभी उनके पिता का निधन हो गया था. कठिन परिस्थितियों के बावजूद मां ने बेटियों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी. आज दोनों बेटियों की सफलता ने न केवल परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया है कि बेटियां अवसर मिलने पर किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं.