West Bengal Politics : पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा होता नजर आ रहा है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है. पार्टी के कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बागी रुख अपनाने के बाद टीएमसी नेतृत्व पर दबाव बढ़ गया है. राजनीतिक गलियारों में यह दावा तेजी से चर्चा में है कि बड़ी संख्या में विधायक और सांसद पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं.
इसी बीच बागी खेमे की ओर से दावा किया गया है कि उन्हें दर्जनों विधायकों का समर्थन हासिल है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा जा रहा है कि मौजूदा स्थिति में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के साथ केवल 6 विधायक और 3 सांसद ही बचे हैं. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे बंगाल की राजनीति में हलचल जरूर तेज हो गई है.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीएमसी ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए कई कमेटियों और फ्रंटल संगठनों को भंग करने का फैसला लिया है, इसे पार्टी को दोबारा मजबूत करने और असंतुष्ट नेताओं को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि बगावत का यह सिलसिला जारी रहा तो टीएमसी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व इस संकट से कैसे निपटता है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं.