TMC नेता के पूर्व बॉडीगार्ड गिरफ्तार, फ्लैट से लेकर लाखों कैश-गोल्ड और 150 से ज्यादा जमीन के दस्तावेज बरामद

Global Bharat 16 Aug 2026 10:07 PM 3 Mins
TMC नेता के पूर्व बॉडीगार्ड गिरफ्तार, फ्लैट से लेकर लाखों कैश-गोल्ड और 150 से ज्यादा जमीन के दस्तावेज बरामद

सोनीपत : हरियाणा के सोनीपत से सामने आई शिवचरण राम रतन गुप्ता की कहानी रिश्तों और बदलते पारिवारिक समीकरणों पर सवाल खड़े कर रही है. करीब 74 वर्षीय शिवचरण गुप्ता महाराष्ट्र के रहने वाले थे और कभी कपड़े के कारोबार से जुड़े रहे थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह करीब डेढ़ साल से सोनीपत के एक वृद्धाश्रम में रह रहे थे. उनकी पत्नी मीना गुप्ता का भी इसी दौरान निधन हो गया था.

शिवचरण की तीन बेटियां हैं. बताया गया कि उन्होंने अपनी बेटियों को पढ़ाया-लिखाया और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा किया. उनकी दो बेटियां सरकारी शिक्षिका हैं. पिता की तबीयत खराब होने के दौरान वृद्धाश्रम प्रबंधन ने बेटियों से संपर्क भी किया था. बताया गया कि शिवचरण अपनी बेटियों से मिलने की इच्छा जताते रहते थे, लेकिन उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी.

5 अगस्त के आसपास उनके निधन के बाद भी तीनों बेटियां सोनीपत नहीं पहुंचीं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़ी बेटी ने अंतिम संस्कार के खर्च के लिए संस्था को 5,100 रुपये भेजे और वीडियो कॉल के जरिए अंतिम संस्कार देखने की बात कही. इसके बाद अंतिम संस्कार संस्था और समाजसेवियों की मदद से कराया गया, जबकि बेटियों ने मोबाइल स्क्रीन के जरिए पिता को अंतिम विदाई दी.

अस्थि विसर्जन के समय भी बेटियां मौके पर नहीं पहुंचीं. अब सोनीपत के गीता मंदिर में शिवचरण गुप्ता की तेरहवीं की रस्में पूरी की गईं. हवन-यज्ञ हुआ, उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए गए और प्रसाद वितरित किया गया. इस कार्यक्रम में भी तीनों बेटियां मौजूद नहीं थीं. वृद्धाश्रम प्रबंधन ने परिवार की सहमति से धार्मिक रस्में पूरी कराईं.

इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आधुनिक जिंदगी की व्यस्तता इतनी बढ़ गई है कि माता-पिता के अंतिम संस्कार और तेरहवीं जैसे मौकों पर भी उनकी मौजूदगी सिर्फ वीडियो कॉल तक सीमित रह जाए. हालांकि बेटियों की निजी परिस्थितियों और उनके पक्ष की पूरी जानकारी सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आई है.

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल के पूर्व बॉडीगार्ड सहगल हुसैन की गिरफ्तारी से एक बार फिर कथित काले धन और अवैध संपत्तियों का मामला चर्चा में आ गया है. पुलिस ने सहगल को दस्तावेजों में जालसाजी और टैक्स चोरी से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई फरार पत्थर कारोबारी तुलु मंडल से जुड़े कथित नेटवर्क की जांच के दौरान हुई.

रिपोर्ट के मुताबिक, बीरभूम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने बोलपुर स्थित सहगल के फ्लैट में करीब 16 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान पुलिस को 12.84 लाख रुपये नकद, करीब 800 ग्राम सोना, 150 से ज्यादा जमीन के दस्तावेज, एक लैपटॉप और विदेशी मुद्रा मिलने की जानकारी सामने आई है. बरामद दस्तावेजों की जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन संपत्तियों का वास्तविक मालिक कौन है और इनके लेनदेन में किस-किस की भूमिका रही.

जांच का कनेक्शन फरार पत्थर कारोबारी तुलु मंडल से जोड़ा जा रहा है. पुलिस को शक है कि फर्जी या जाली दस्तावेजों के जरिए टैक्स देनदारी से बचने और संपत्तियों के लेनदेन को छिपाने की कोशिश की गई. मामले में एक जमीन विभाग के अधिकारी की गिरफ्तारी की बात भी सामने आई है, जिससे सरकारी तंत्र के संभावित कनेक्शन की जांच का दायरा बढ़ गया है.

सहगल हुसैन पहले अनुब्रत मंडल के निजी सुरक्षा कर्मी रह चुके हैं. उनका नाम इससे पहले भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई में सामने आ चुका है. 2022 में केंद्रीय एजेंसियों ने उनसे जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की थी और कथित तौर पर करोड़ों रुपये की संपत्तियों तथा सोने का पता लगाया था. दिल्ली हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में भी जांच एजेंसियों ने सहगल और उनके परिवार के नाम करीब 5.47 करोड़ रुपये की कथित अनुपातहीन संपत्तियों का उल्लेख किया था.

अब ताजा बरामदगी के बाद पुलिस जमीन के दस्तावेजों, नकदी और सोने के स्रोत की जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में तुलु मंडल और अन्य लोगों की क्या भूमिका है.

Saigal Hussain Anubrata Mondal Tulu Mondal Birbhum News TMC Leader

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