कोलकाता : पश्चिम बंगाल में TMC ऑफिस के नीचे कुबेर का खजाना मिला है. टीएमसी के नेता ने जमीन में करोड़ों रुपये गाढ़कर रखे थे. ममता के ममता का नटवर लाला की कहानी जानकर हैरान रह जाएंगे. खेत में नोटों को उठाने में पुलिस के भी छूटे पसीना, पहले भी इसी नेता के यहां 80 लाख का कैश मिला था. ममता सरकार के करप्शन का किला ध्वस्त हो रहा है. फिल्मी स्टाइल में काली कमाई मिल रही है.
TMC की सरकार जाते ही ममता के नेता लगातार जेल जा रहे हैं. किसी ने जनता की जान से खिलवाड़ किया है तो किसी ने जनता का पैसा लूटा है, लेकिन अब जो काला धन पुलिस को मिला है उसने सबके होश उड़ा दिये हैं. टीएमसी दफ्तर के पास जमीन के नीचे पूरा खजाना छिपा था. जैसा फिल्मों और कहानियों में होता था वैसा बंगाल में हो रहा है. जमीन खोदो और खजाना निकालो. मानो कोई रियालिटी शो चल रहा हो और इस काली कमाई वाले शो के पीछे टीएमसी के बड़े-बड़े नेता हैं. पुलिस से लेकर खुफिया एजेंसी तक सब अलर्ट मोड में हैं.
ममता के दागी नेताओं की लिस्ट तैयार हो चुकी है. बताया जा रहा है इसमें कई हजार नेताओं के नाम हैं. ये सब अपराधी हैं. ऐसा ही एक अपराधी है दीपांकर भट्टाचार्य. जो बदुरिया नगर पालिका का चेयरमैन भी है. इसे ममता का खास बताया जाता है. एजेंसियों की नजर दीपांकर पर पहले से थी. ऐसे में एक सुराग मिलता है, जिसके आधार पर कार्रवाई होती है. इस एक्शन को देख पुलिस के भी होश उड़ जाते हैं.
TMC नेता दीपांकर भट्टाचार्य को पुलिस ने हाल ही में गिरफ्तार किया था. उसके खिलाफ सरकारी तिरपाल की हेराफेरी और अवैध संपत्ति जुटाने का मामला दर्ज था. लेकिन सबसे बड़ा खुलासा उनकी पुलिस रिमांड के दौरान हुआ. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि काले धन को छिपाने के लिए जमीन के अंदर खजाना गाड़ा है. सटीक जानकारी के आधार पर, पुलिस एक्शन लेती है. दीपांकर भट्टाचार्य के पार्टी कार्यालय के पास जमीन की खुदाई शुरू होती है. जैसे ही मिट्टी हटाई गई, वहां से 4 बड़े बैग और एक बोरा बरामद होता है.
इन सभी में 500 रुपये के नोटों की गड्डियां ठूंस-ठूंस कर भरी हुई थीं. अभी तक इस भारी-भरकम रकम की गिनती पूरी नहीं हो पाई है, लेकिन नोटों के बंडल देखकर माना जा रहा है कि यह रकम करोड़ों में हो सकती है. ये पहली बार नहीं है जब दीपांकर भट्टाचार्य से काला ठन का भंडार बरामद हुआ है, इससे पहले भी पुलिस ने दीपांकर के ठिकानों पर छापेमारी की थी. उस दौरान भी पुलिस को करीब 80 लाख रुपये मिल थे. इसकी काली नीयत का अंदाजा इस बात से लगाइए. प्राकृतिक आपदा में आम लोगों की मदद के लिए जो तिरपाल मिलते हैं वो भी इसके भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए.
गरीबों को बांटने वाले करीब 4 हजार सरकारी तिरपाल भी इसके काले खजाने से बरामद हुए हैं. जैसे ही जमीन में गढ़े इस खजाने की खबर सामने आती है. पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन जाती है. साथ ही टीएमसी के और नेताओं के लिए इसे खतरे की घंटी भी माना जा रहा है, क्योंकि लगभग हर दिन टीएमसी के भ्रष्ट नेताओं की गिरफ्तारी हो रही है. वो चाहे सोना पप्पू जैसा अपराधी हो या फिर लोगों के घरों में घुसकर धमकाने वाला कोई और हो. सबका बुरा वक्त शुरू हो चुका है. खुद ममता बनर्जी के ऊपर मुकदमा दर्ज हो चुका है और अब भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के खिलाफ यह पुलिस कार्रवाई सिर्फ बदुरिया तक सीमित नहीं है.
बंगाल के दुर्गापुर-फरीदपुर ब्लॉक में भी पुलिस ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया, जहां लौदोहा इलाके में पुलिस ने देर रात टीएमसी के दबंग मजदूर यूनियन नेता शेख वसुल को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, शेख वसुल के खिलाफ इलाके में लंबे समय से कई गंभीर शिकायतें लंबित थीं.
लोगों ने शेख वसुल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. वो रोजगार दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम वसूलता था. इसके अलावा, विधानसभा चुनाव से पहले इलाके में दहशत फैलाने, मतदाताओं पर वोटिंग के लिए अनुचित दबाव बनाने और अपना दबदबा कायम रखने के लिए गुंडागर्दी करने के भी गंभीर आरोप उस पर लगे हैं.