अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी के बाद टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को भीड़ के गुस्से का शिकार होना पड़ा है, वो अपने पश्चिम बंगाल वाले दफ्तर में बैठकर जब मीटिंग कर रहीं थीं, बाहर भारी संख्या में भीड़ जुट जाती है, और उसके बाद दफ्तर के अंदर दहशत का माहौल पैदा हो जाता है, जब पुलिस को फोन करके बुलाया जाता है, तो वो भी कोई एक्शन लेने की बजाय वीडियो में वहां खड़ी दिखती है, सीआरपीएफ जवानों के सामने भी भीड़ के तेवर नहीं बदलते, जिसका वीडियो जारी कर महुआ मोइत्रा मदद की गुहार लगाती हैं, लेकिन लोग सोशल मीडिया पर ये भी पूछ रहे हैं कि जब ममता राज में इस तरीके की घटनाएं होती थीं, तब टीएमसी के नेता क्यों खामोश रहते थे.
Currently being attacked by @bjp4india goons with @wbpolice watching on.@MamataOfficial @RahulGandhi @akhliesh @supriya_sule @mkstalin @ArvindKejriwal pic.twitter.com/eD2gYU0NPx
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) July 1, 2026
जो वीडियो महुआ मोइत्रा ने जारी किया है, उसमें अंग्रेजी में उनकी आवाज सुनाई देती है, जिसका मतलब है, देखिए क्या हो रहा है, पुलिस देख रही है, ये बीजेपी की भीड़ है, जो यहां इकट्ठी है, मैंने डीजीपी को फोन किया, पुलिस बस देख रही है, सीआरपीएफ भी देख रही है, सभी लोग देखिए, मैं यहां की सांसद हूं, और दफ्तर में हूं..
हालांकि ये पहली बार नहीं है जब इस तरीके की घटना सत्ता बदलने के बाद बंगाल में हुई हो, बल्कि इससे पहले अभिषेक बनर्जी पर भी अंडे फेंके गए थे, कोलकाता एयरपोर्ट पर तो बकायदा इस बात से बीजेपी और टीएमसी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए थे, यहां तक कि ममता के करीबी सांसद कहे जाने वाले कल्याण बनर्जी पर भी अंडे फेंके जाने की ख़बर सामने आई थी, जिसे बीजेपी वहां की जनता का टीएमसी के प्रति आक्रोश बता रही है, अलग-अलग जगहों से स्थानीय टीएमसी नेताओं के घेराव की ख़बरें भी सामने आती रही है, जिसने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के नेताओं की नींद उड़ा दी है, उनके एक सांसद ने तो बकायदा ममता की सुरक्षा को लेकर ही बीते दिनों सवाल खड़े कर दिए थे, एक वीडियो जारी कर कहा था ममता बनर्जी के यहां सुरक्षा के लिए जवान नहीं हैं...