गांधीनगर/वडोदरा: लोकसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर युसूफ पठान को गुजरात की भाजपा सरकार ने वडोदरा में उनके बंगले के पास स्थित 978 वर्ग मीटर के विवादित सरकारी प्लॉट का आवंटन मंजूर कर दिया है. नगर निगम को इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए जा चुके हैं. अंतिम मंजूरी मिलते ही पठान इस जमीन पर कब्जा कर सकेंगे.
यह फैसला उस समय आया है जब पठान सहित 19 अन्य सांसदों ने कुछ महीने पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से विद्रोह कर ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत की थी और नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) से जुड़ गए थे.
यह प्लॉट लगभग 14 साल से विवादों में उलझा हुआ था. इसकी अनुमानित कीमत 20.53 करोड़ रुपये (2.10 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर) बताई जा रही है. आधार मूल्य तय होने के बाद प्रस्ताव नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी के सामने रखा जाएगा. वडोदरा म्युनिसिपल कमिश्नर अरुण बाबू ने कहा कि राज्य सरकार की मंजूरी मिल गई है और अब कमेटी की स्वीकृति के बाद प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. पठान को कितनी राशि चुकानी होगी, यह अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है.
साल 2012 में युसूफ पठान ने वडोदरा म्युनिसिपल कॉरपोरेशन को पत्र लिखकर तांडलजा स्थित अपने बंगले के बगल में 978 वर्ग मीटर जमीन आवंटित करने का अनुरोध किया था. तब नगर निगम ने बिना नीलामी के 99 साल के लीज पर आवंटन की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन 2014 में राज्य सरकार ने बिना पब्लिक ऑक्शन के आवंटन का प्रस्ताव खारिज कर दिया.
2024 में नगर निगम ने कथित अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए. पठान ने गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी. 21 अगस्त 2025 को कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी. इसके बाद उन्होंने डिवीजन बेंच में अपील की.
जून 2026 की सुनवाई में कोर्ट ने सवाल उठाया कि कानूनी आवंटन और भुगतान के बिना सरकारी जमीन पर कब्जा कैसे हुआ. 31 अगस्त 2026 को पठान ने हाईकोर्ट से अपनी अपील वापस ले ली. अब राज्य सरकार की मंजूरी के बाद यह लंबे समय से लंबित मामला सुलझने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.