नई दिल्ली: बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव की 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान सुपौल के हुसैन चौक पर एक विवादास्पद घटना सामने आई. आरोप है कि इस यात्रा के दौरान तिरंगे का अपमान हुआ, जब कार्यकर्ताओं ने सड़क पर गिरे राष्ट्रीय ध्वज को पैरों तले रौंद दिया. यह घटना झंडों की लूट के दौरान हुई, लेकिन किसी ने तिरंगे की गरिमा की ओर ध्यान नहीं दिया. इस बीच, यात्रा सुपौल से आगे बढ़कर मधुबनी पहुंच चुकी है.
Tricolour insulted in Supaul during Vote Adhikar Yatra. This is beyond politics, it’s about national pride. ???????? Strict action must follow.????@dm_supaul @bihar_police do the needful. ???? pic.twitter.com/4ZaQZWbRAE
— The Madhepura Index (@IndexMadhepura) August 26, 2025
इस यात्रा में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और उनके कई कैबिनेट सहयोगी भी शामिल हुए. रेड्डी, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और अन्य मंत्रियों ने दिल्ली से बिहार पहुंचकर दरभंगा के पास इस यात्रा में हिस्सा लिया. उनका कहना था कि यह यात्रा बिहार में मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.
इसके साथ ही, राहुल गांधी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस के कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की. उन्होंने इसे 'शर्मनाक' और 'डरपोक सरकार' की निशानी बताया. राहुल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे एसएससी अभ्यर्थियों और शिक्षकों पर बर्बर लाठीचार्ज न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह एक ऐसी सरकार की पहचान है जो डरती है. युवाओं ने सिर्फ रोजगार और न्याय मांगा, और बदले में उन्हें लाठियां मिलीं."
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस कथित लाठीचार्ज की आलोचना की और कहा कि मोदी सरकार की आदत बन चुकी है कि वह युवाओं का भविष्य छीन ले. हालांकि, पुलिस ने विपक्षी दलों के लाठीचार्ज के दावों का खंडन किया है.
उधर, रविवार को रामलीला मैदान में एसएससी के छात्रों और शिक्षकों ने परीक्षा के बेहतर संचालन की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार पर युवाओं के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया.