वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पाखंड का आरोप लग रहा है. भारत पर रूसी तेल खरीदने के लिए ऊंचे टैरिफ लगाने और 100% तक शुल्क लगाने की धमकी देने वाले ट्रंप ने खुद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से डीजल खरीदने का समझौता कर लिया है. ट्रंप ने शुक्रवार को ट्रुथ सोशल पर ऐलान किया कि रूस तुरंत 3 लाख टन डीजल अमेरिकी और वैश्विक बाजार में जारी करेगा. नवंबर में और 5 लाख टन तथा उसके बाद एक मिलियन टन और आएगा.
उन्होंने कहा कि इससे अमेरिकी किसानों, ट्रकर्स और आम लोगों के लिए डीजल की कीमतें तेजी से घटेंगी. अमेरिका में डीजल की कीमतें मध्य पूर्व संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण 70% तक बढ़ गई थीं. मिडटर्म चुनाव नजदीक हैं, इसलिए ईंधन कीमतें कम करना ट्रंप के लिए जरूरी हो गया. रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका अप्रैल 2027 तक रूसी डीजल निर्यात पर प्रतिबंध निलंबित कर सकता है. पिछले साल ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीदने के लिए अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया था, जिससे कुल शुल्क 50% तक पहुंच गया था.
उनके करीबी सहयोगी पीटर नवारो ने भारत को “क्रेमलिन का लॉन्ड्री” तक कह दिया था और रूसी तेल को “ब्लड मनी” करार दिया था. अब वही ट्रंप खुद रूसी डीजल खरीद रहे हैं. विशेषज्ञों ने इसे साफ दोहरा रवैया बताया है. एक अमेरिकी विशेषज्ञ ने लिखा, “भारत को 14 महीने तक धमकाने के बाद यह संदेश बहुत खराब है.”
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस डील को ट्रंप का पुतिन को “गिफ्ट” बताया है. उन्होंने कहा कि यह युद्ध को लंबा खींचने में निवेश जैसा है. ट्रंप की इस चाल से अमेरिका-भारत संबंधों पर और असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. कई लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या अमेरिका अब खुद पर भी प्रतिबंध लगाएगा?