नई दिल्ली: ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने दावा किया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने तेहरान में हुई चार देशों की सुरक्षा बैठक में हिंदुओं और यहूदियों के बीच बढ़ते संबंधों को मुसलमानों और पाकिस्तान के खिलाफ खतरा बताया. यह बैठक 26 अक्टूबर को हुई थी, जिसमें ईरान, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के प्रतिनिधि शामिल थे.
रेजाई ने ईरानी राज्य प्रसारक IRIB को दिए इंटरव्यू में कहा कि मुनीर ने इजराइल के खतरे और हिंदुओं व यहूदियों के बीच बन रहे संबंधों का जिक्र किया, जो मुसलमानों और पाकिस्तान के खिलाफ है. तुर्की के खुफिया प्रमुख इब्राहिम कालिन ने भी इजराइल के खतरे पर जोर दिया.
बैठक में सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान भी मौजूद थे. पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर रेजाई के बयान पर चर्चा करते हुए कहा कि मुनीर ने हिंदू-यहूदी गठबंधन को बहुत बड़ा खतरा बताया और मुसलमानों व पाकिस्तान के खिलाफ भू-राजनीतिक अभिसरण की बात कही. सेठी के अनुसार, रेजाई ने मुनीर की बातों को सकारात्मक रूप से लिया.
मुनीर पहले भी हिंदू-मुस्लिम भेद पर बयान दे चुके हैं. अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले से पहले उन्होंने कहा था कि हिंदू और मुस्लिम धर्म, रीति-रिवाज और सोच में अलग हैं, और दो-राष्ट्र सिद्धांत का जिक्र किया था. भारत-इजराइल संबंध रक्षा, खुफिया, आतंकवाद विरोधी सहयोग पर आधारित हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फरवरी 2026 की इजराइल यात्रा के दौरान इन्हें विशेष रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला.
इजराइल ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के आत्मरक्षा अधिकार का खुला समर्थन किया था. यह दावा रेजाई के निजी कूटनीतिक बातचीत के विवरण पर आधारित है और अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है. मुनीर 20 अक्टूबर को भी तेहरान गए थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की.