नई दिल्ली: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को हमास को "अंतिम चेतावनी" जारी कर गाजा से बंधकों को तत्काल रिहा करने की मांग की गई. एक्स पर एक पोस्ट में ट्रंप ने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि हमास को बंधकों या मारे गए लोगों के शवों को रिहा करने में देरी नहीं करनी चाहिए. उन्होंने हमास के कार्यों की निंदा की और शवों को पकड़कर रखने के लिए उन्हें बीमार और विकृत बताया. ट्रंप में पोस्ट में लिखा "गाजा के लोगों के लिए: एक सुंदर भविष्य आपका इंतजार कर रहा है, लेकिन अगर आप बंधकों को पकड़कर रखते हैं तो नहीं. अगर आप ऐसा करते हैं, तो आप मर चुके हैं! एक समझदारी भरा फैसला लें. बंधकों को अभी रिहा करें, नहीं तो बाद में आपको बहुत कुछ भुगतना पड़ेगा!"
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यह संदेश ट्रंप द्वारा व्हाइट हाउस में 8 पूर्व बंधकों से मुलाकात के तुरंत बाद आया. बयान में ट्रंप ने यह स्पष्ट किया कि वह हमास के साथ चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए "काम पूरा करने" के लिए इजरायल को सभी तरह की सहायता भेज रहे हैं. उन्होंने लिखा, "मैं इजरायल को वह सब कुछ भेज रहा हूं जो उसे काम पूरा करने के लिए चाहिए, अगर आप मेरी बात नहीं मानेंगे तो हमास का एक भी सदस्य सुरक्षित नहीं रहेगा."
उनकी टिप्पणी व्हाइट हाउस की पुष्टि के बाद आई है कि अमेरिकी अधिकारियों ने हमास प्रतिनिधियों के साथ सीधी बातचीत की है, जो समूह के साथ बातचीत न करने की अमेरिका की लंबे समय से चली आ रही नीति से अलग है. कतर में हुई ये वार्ताएं 1997 में समूह को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद अमेरिका और हमास के बीच पहली ज्ञात सीधी बातचीत है.
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एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, व्हाइट हाउस ने चर्चाओं के विवरण का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका अपने लोगों के सर्वोत्तम हित में काम कर रहा है. कथित तौर पर इजरायली अधिकारियों से परामर्श किया गया था, और वार्ता पर उनकी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है.
इजरायली अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी नागरिक एडन अलेक्जेंडर सहित लगभग 24 बंधक अभी भी गाजा में जीवित हैं, जबकि कम से कम 35 अन्य लोगों के शव भी वहां रखे होने का अनुमान है. बंधक मामलों के लिए ट्रम्प के दूत एडम बोहलर ने वार्ता का नेतृत्व किया. उन्हें अब्राहम समझौते में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है, जिसका उद्देश्य अरब देशों के साथ इजरायल के संबंधों को मजबूत करना था.