बेरूत/वाशिंगटन: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है. इजरायल ने रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए. इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई और 15 से ज्यादा लोग घायल हो गए.
इस घटना का सबसे बड़ा असर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता पर पड़ा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बेहद नाराज हैं और उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को खुली चेतावनी दी है.
ट्रंप का सख्त बयान
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''आज सुबह बेरूत पर हमला नहीं होना चाहिए था, खासकर ऐसे दिन जब हम ईरान के साथ शांति समझौते के बहुत करीब हैं.'' ट्रंप ने आगे कहा कि इजरायल को अपनी सुरक्षा का अधिकार है, लेकिन जिस छोटी घटना (रॉकेट हमला) के जवाब में यह कार्रवाई की गई, उसमें कोई हताहत नहीं हुआ था. उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और हमले रोकने की अपील की.
ईरान की चेतावनी
ईरान ने इस हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. ईरानी सैन्य कमान के उप कमांडर ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद जाफर असदी ने कहा कि बेरूत पर इजरायली हमलों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और जवाबी कार्रवाई जरूर की जाएगी. ईरान का कहना है कि यह हमला अमेरिका-ईरान शांति डील को पटरी से उतारने की साजिश है.
क्या है पूरा मामला?
ट्रंप की नाराजगी इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि अमेरिका-पाकिस्तान मध्यस्थता में ईरान के साथ एक बड़ा शांति समझौता लगभग Final stage में था, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और प्रतिबंध हटाने जैसे अहम मुद्दे शामिल थे. अभी स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है. दुनिया भर की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि ट्रंप की चेतावनी के बाद इजरायल और ईरान क्या रुख अपनाते हैं.