नई दिल्ली: सोमवार-मंगलवार की रात स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तनाव चरम पर पहुंच गया. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कमर्शियल जहाजों पर कम से कम दो मिसाइलें दागीं, जिनमें दो जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा. हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
इसके अलावा, ओमान तट के पास लिमाह के निकट एक टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज के पोर्ट साइड में आग लग गई. ब्रिटिश मेरिटाइम एजेंसी UKMTO ने इसकी पुष्टि की. टैंकर दक्षिण की ओर जा रहा था, जब हमला हुआ. फिलहाल कोई पर्यावरणीय नुकसान नहीं बताया गया है, लेकिन जांच जारी है. ईरानी स्टेट टीवी ने कहा कि कतर का एक LNG टैंकर चेतावनियां नजरअंदाज करने के बाद निशाना बनाया गया.
ये हमले अमेरिका-ईरान के हालिया Memorandum of Understanding (MoU) के महज तीन हफ्ते बाद हुए हैं, जिसमें ईरान ने स्ट्रेट में हमले रोकने का वादा किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान को "फ्यूनरल के लिए एक हफ्ते की छुट्टी" देने का जिक्र करते हुए तंज कसा था.
विशेषज्ञों का कहना है कि ये हमले वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं, क्योंकि दुनिया का बड़ा तेल और LNG व्यापार इसी रास्ते से गुजरता है. अमेरिका के जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है. स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है. जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.