नई दिल्ली: उत्तराखंड के बागेश्वर में सनसनी फैल गई जब सीमा क्षेत्र के आखिरी गांव डौला में एक विदेशी युवक घायल हालत में रहस्यमयी परिस्थितियों में मिला. उसके पास कोई दस्तावेज नहीं होने पर सुरक्षा बलों ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया. स्थानीय गांववालों ने जब युवक को परेशानी में देखा तो उन्होंने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज किया गया.
डॉक्टरों के अनुसार, युवक के हाथ और जांघ में हल्की चोटें आई हैं. अस्पताल में विदेशी व्यक्ति की सूचना मिलते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर पूछताछ शुरू कर दी. युवक ने खुद को 36 वर्षीय माक्सिम स्टारचेंको बताया, जो यूक्रेन के खार्किव शहर का रहने वाला है. पूछताछ में उसने बताया कि वह यूक्रेन में चल रहे युद्ध से बचकर भारत में शरण लेने आया है. उसने कहा कि वह ट्रेकिंग के लिए इस दूरदराज के इलाके में आया था और रास्ता भटक गया और पैदल चलते-चलते डौला गांव पहुंच गया.
सुरक्षा एजेंसियों को शक
युवक के पास न पासपोर्ट था, न वीजा और न ही कोई अन्य वैध दस्तावेज. जब उससे परिवार का संपर्क नंबर मांगा गया तो वह वो भी नहीं दे सका. इसके अलावा, विदेशियों के लिए अनिवार्य फॉर्म-C भी उसके नाम पर कहीं दर्ज नहीं था. सीमा क्षेत्र के संवेदनशील इलाके में बिना अनुमति घुसने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की.
विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) की संबंधित धाराओं के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज कर माक्सिम स्टारचेंको को गिरफ्तार कर लिया गया. वर्तमान में जिला पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं कि यह व्यक्ति भारत में अवैध रूप से कैसे घुसा और प्रतिबंधित सीमा क्षेत्र तक कैसे पहुंच गया.