लखनऊ : उत्तर प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लंबे समय से चर्चाओं का दौर जारी था. कई नेताओं के नाम मंत्री पद की दौड़ में बताए जा रहे थे, जिनमें भाजपा विधायक आशा मौर्य का नाम भी प्रमुखता से सामने आ रहा था, लेकिन अंतिम सूची में नाम शामिल न होने के बाद आशा मौर्य का दर्द सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सामने आया है.
आशा मौर्य ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए समर्थकों, पत्रकारों और शुभचिंतकों का धन्यवाद किया. उन्होंने लिखा कि देश और प्रदेश भर से मिले फोन कॉल, संदेश और शुभकामनाओं के लिए वह सभी की आभारी हैं. साथ ही उन्होंने पार्टी के भीतर समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर भी नाराजगी जाहिर की.
पोस्ट में आशा मौर्य ने कहा कि भाजपा को समर्पित कार्यकर्ताओं, खासकर पिछड़े और संघर्षशील समाज से जुड़े लोगों की जरूरत अब शायद महसूस नहीं हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में बाहर से आए और दलबदल कर शामिल हुए नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि वर्षों से संगठन के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है.
उन्होंने आगे लिखा कि पार्टी और संगठन के लिए समर्पण भाव से काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी पीड़ादायक है। हालांकि, इसके बावजूद वह समाज, सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेंगी.
राजनीतिक गलियारों में आशा मौर्य की यह पोस्ट चर्चा का विषय बन गई है. इसे मंत्रिमंडल में जगह न मिलने की नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है. वहीं, विपक्ष भी इस पोस्ट को लेकर भाजपा पर निशाना साध सकता है।
अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मामले पर क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में आशा मौर्य की नाराजगी दूर करने के लिए कोई राजनीतिक कदम उठाया जाता है या नहीं.