लखनऊ: 251 रुपये वाला फोन याद है आपको, जिसकी लॉन्चिंग में बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी पहुंचे थे, मोदी कैबिनेट में मंत्री रहे मनोहर पर्रिकर को भी जाना था, लेकिन वो किसी वजह से लॉन्च इवेंट में पहुंच नहीं पाए थे, फिर भी फॉर्मूला इतना हिट हुआ कि फोन बुक करने वालों की बाढ़ आ गई थी, पर किसी के हाथ कुछ नहीं लगा, ऐसे ही कई स्कैम हमारे देश में खूब हुए, आज वो स्मार्टफोन वाला आरोपी कहां है, इस पर आएं उससे पहले जरा सलमान, इमरान और समीर का कांड सुन लीजिए, जिसने चूना लगाने की दुनिया में एक नया कीर्तिमान बना लिया है, कहिए तो एकदम फुलप्रूफ प्लान, पुलिस भी देखे तो पहली नजर में पकड़ न पाए.
पहले इन तीनों ने दिल्ली में दुकान लगाई, कहा हमारे पास एक ऐसा जादूई तेल और मालिश करवाने वाला है, जिसकी मालिश से आपका गंजे सिर पर बिल्कुल काले बाल उग आएंगे. 20 रुपये फीस के लगेंगे और 300 रुपये का तेल है, लोगों ने यकीन किया, बिजनेस बढ़ा तो यूपी के मेरठ में दुकान लगाने पहुंच गए, एक ही दिन में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, पांव देने तक की जगह नहीं बची, लोगों को लगा 320 रुपये में बाल उग आएंगे, लेकिन बाल तो आए नहीं ऊपर से परेशानी और बढ़ गई, शादाब राव नाम के व्यक्ति ने बकायदा मेरठ पुलिस को शिकायत देते हुए कहा ''साहब, ये लोग जो तेल और दवा बेच रहे हैं, उससे खुजली और एलर्जी हो रही है. ये फायदा की बजाय नुकसान कर रही है. इन पर कार्रवाई होनी चाहिए.
पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिसकी तस्वीर मीडिया में सामने आते ही कई लोग तो ये कहने लगे कि इनमें से दो के सिर पर तो खुद ही बाल नहीं है, जो लोग इनसे दवाई लेने जा रहे थे, उन्हें सोचना चाहिए था कि जो खुद अपने सिर पर बाल नहीं उगा पाए, वो दूसरों का क्या भला करेंगे, चूंकि गंजेपन की समस्या दिनों-दिन गंभीर होती जा रही है, और लगातार कई लोग ठगे जा रहे हैं, इसलिए आपके सामने कोई ऐसा दावा करे तो बिना जांच-पड़ताल इन चक्करों में न पड़े, वरना फायदा की बजाय नुकसान हो सकता है. इन आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में साफ कहा ''हम लोग दिल्ली और बिजनौर के रहने वाले हैं, इससे पहले दिल्ली के मंडोली इलाके में भी कैंप लगाया था, वहां भी लोगों की भीड़ उमड़ी थी, इसलिए ज्यादा कमाने के चक्कर में यूपी में जगह-जगह कैंप लगाने लगे, हम लोगों को दवा और तेल देकर कहते थे बाद में बाल उग आएंगे, लेकिन यहां पकड़े गए''.
हालांकि पुलिस ने जब पूछा कि तुमने मेरठ के बैंक्वेट हॉल में इतनी भीड़ जुटाने के लिए परमिशन किससे ली थी, तो वो बहाने बने लगे, फिलहाल तीनों को जमानत पर छोड़ दिया गया है, लेकिन अंदाजा लगाइए ये घटना कितनी बड़ी है, और कैसे आम जनता को बेवकूफ बनाने में कुछ लोग लगे हैं..