Iran Vs US War : पश्चिम एशिया में तनाव लगातार गहराता जा रहा है. स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के आसपास जहाजों पर कथित हमलों और सैन्य कार्रवाई ने एक बार फिर वैश्विक चिंता बढ़ा दी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि ईरान ने पहले एमवी एवर लवली नामक जहाज को निशाना बनाया, इसके बाद भी अमेरिका ने तनाव कम करने का अवसर देने की कोशिश की, लेकिन ईरान ने कथित तौर पर पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी कीकू पर हमला कर दिया. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह टैंकर लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर जा रहा था.
सेंटकॉम के मुताबिक, इन घटनाओं के बाद अमेरिकी सैन्य विमानों ने ईरान के कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की. इसमें निगरानी प्रणाली, संचार नेटवर्क, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन स्टोरेज सुविधाएं और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया.
दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका के आठ सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं. IRGC का कहना है कि इन हमलों में अमेरिकी एयर डिफेंस और अन्य सैन्य प्रणालियों को नुकसान पहुंचाया गया है.
क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से गुजरने वाले तेल परिवहन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, जिसका असर दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों पर देखने को मिल सकता है.