देहरादून: NEET पेपर लीक विवाद के बीच उत्तराखंड BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के छात्रों को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान ने राज्य में तूफान खड़ा कर दिया. विपक्षी कांग्रेस और छात्र संगठनों के तीखे विरोध के बाद भट्ट को माफी मांगनी पड़ी.
शनिवार को एक वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ा, जिसमें भट्ट के छात्र आंदोलनकारियों पर कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगा. कांग्रेस ने इसे छात्रों का अपमान बताया और इस्तीफे की मांग की.
रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा, "अगर मेरे कल के किसी शब्द या वाक्यांश से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मुझे खेद है और मैं माफी मांगता हूं." उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी की भावनाएं ठेस पहुंचाना नहीं था. एक अलग वीडियो में भट्ट ने विपक्ष पर अपने बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप भी लगाया.
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोडियाल ने भट्ट के बयान को "अश्लील भाषा" करार देते हुए कहा कि यह NEET घोटाले पर केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से बौखलाए होने का संकेत है. गोडियाल ने चेतावनी दी कि अगर माफी नहीं मांगी तो छात्र उनके आवास के बाहर धरना देंगे. यह विवाद NEET पेपर लीक और उत्तराखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस द्वारा पुष्कर सिंह धामी सरकार पर लगातार हमलों के बीच आया है.
राज्य सरकार ने पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस नीति का दावा किया है और सख्त एंटी-चीटिंग कानून लागू किया है. BJP प्रवक्ता मनवीर सिंह चौहान ने भट्ट के बचाव में कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. यह घटना NEET विवाद को नए सिरे से राजनीतिक रंग दे रही है, जहां छात्रों की नाराजगी अब और बढ़ती दिख रही है.