क्या कन्नौज वाले केस में भी बुआ बड़ी साजिशकर्ता है? क्या इतनी बड़ी घटना के बाद भी वो नवाब सिंह यादव को बचाना चाहती थी और वो 8 हजार वाली बात वीडियो में कर रही थी. इस एंगल पर यूपी पुलिस जांच कर रही है. कई टीमें बुआ की तलाश में जुटी है, लेकिन इसी बीच जो चार तस्वीरें सामने आई है, उसने सबके होश उड़ा दिए हैं और ये सवाल उठने लगे हैं कि क्या नाबालिग को उसकी अपनी बुआ की वजह से ही इंसाफ नहीं मिल पाएगा.
उसके करीबी बताते हैं कि उसका बड़े-बड़े नेताओं के साथ उठना-बैठना है. पहले समाजवादी पार्टी में 8 साल तक रही, उसके बाद बीजेपी में शामिल हो गई. कोई उससे कुछ कहता तो अपना रसूख दिखाने लगती थी. सपा में होने के नाते नवाब सिंह यादव को पहले से जानती थी. खुद वो महिला भी इस बात को मानती है कि नवाब सिंह यादव को वो जानती थी और उस रात एक या डेढ़ नहीं बज रहा था, बल्कि रात के 11 बज रहे थे. वो दिल्ली से गई थी, इतनी रात को गाड़ी नहीं मिलती, इसलिए नवाब सिंह के कॉलेज गई, वहां से नवाब गाड़ी से घर छुड़वा देता.
वो नवाब सिंह यादव को भैया कहती है, फिर पुलिस के सामने जांच में सहयोग क्यों नहीं कर रही, क्या दाल में कुछ काला है, क्योंकि एसपी तो यही कहते हैं कि बुआ की तलाश में टीमें लगाई है, वो फरार है, जो महिला दो दिन पहले तक वीडियो में दिख रही थी, यूपी में बैठी थी, वो अचानक से कहां गायब हो गई. यूपी के अलग-अलग शहरों से लेकर दिल्ली के कई इलाकों में उसके ठिकाने हैं, जहां तक पहुंचने के लिए पुलिस उसकी एल्बम खंगाल रही है.
उसकी कॉल डिटेल बताती है कि वो बड़े-बड़े लोगों के संपर्क में थी, तो घटना के बाद क्या उसने किसी नेता को कॉल कर शरण मांगी, ये सवाल भी खड़े होते हैं. जैसे नवाब सिंह यादव की तस्वीर अखिलेश यादव औऱ डिंपल यादव के साथ वायरल हुई, वैसे ही इस महिला की तस्वीर अब बीजेपी नेताओं के साथ वायरल कर कई तरह के सवाल खड़े किए जा रहे हैं, हम भी आपको चार तस्वीरें दिखाते हैं, फिर इस सवाल पर आते हैं कि बुआ का अब क्या होगा.
तस्वीर नंबर 1- भाजपा में जब शामिल हुई तो एक महिला नेता ने माला पहनाकर स्वागत किया, पीछे बीजेपी का बोर्ड लगा है.
तस्वीर नंबर 2- कन्नौज के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक के साथ वो खड़ी नजर आ रही है, हालांकि सुब्रत पाठक का ध्यान कैमरे की ओर नहीं है.
तस्वीर नंबर 3- दिल्ली के बीजेपी सांसद मनोज तिवारी के साथ वो महिला खड़ी नजर आ रही है, मनोज तिवारी हल्का मुस्कुराते दिख रहे हैं.
तस्वीर नंबर 4- योगी सरकार में मंत्री असीम अरुण के साथ वो महिला खड़ी है, ऐसा लगता है फोटो के बीच में खुद आई है.

तो क्या बड़े-बड़े लोगों से मुलाकात कर वो टिकट का आश्वासन लेकर वापस लौटती थी या फिर ये तस्वीरें दिखाकर सिर्फ अपना रसूख बढ़ाती थी. इसका जवाब हो सकता है वो पकड़े जाने के बाद दे, लेकिन में यहां ये समझना भी जरूरी हो जाता है कि क्या बुआ को विलेन बताकर कुछ लोग उस नाबालिग को इंसाफ न मिले, ऐसा काम कर रहे हैं, अगर सियासत के चक्कर में इंसाफ पिस रहा है, तस्वीरों की राजनीति में एक लड़की की पुकार कोई नहीं सुन रहा है तो ये फिर सरकार ही नहीं बल्कि समाज के लिए भी शर्म की बात है.