Waqf Board: सिब्बल की सुप्रीम कोर्ट में हुई किरकिरी! वक्फ बोर्ड पर बोलते हुए मस्जिद-दरगाह की देने लगे दलील, CJI गवई ने तुरंत टोक दिया...

Abhishek Chaturvedi 20 May 2025 08:32: PM 3 Mins
Waqf Board: सिब्बल की सुप्रीम कोर्ट में हुई किरकिरी! वक्फ बोर्ड पर बोलते हुए मस्जिद-दरगाह की देने लगे दलील, CJI गवई ने तुरंत टोक दिया...
  • वक्फ बोर्ड पर दलील दे रहे थे सिब्बल, मस्जिद-दरगाह की कर रहे थे पैरवी, तभी फंसे बुरा!
  • CJI ने मंदिर का नाम लेकर कह दिया कुछ ऐसा, सुनकर कहेंगे जज साहब ने दिल जीत लिया!
  • श्रीराम के विरोध के बाद क्या अब मंदिरों के विरोध में उतरे सिब्बल, सुनिए सुनवाई का किस्सा

Waqf Board: 20 मई की दोपहर करीब 2 बजे सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन बिल पर सुनवाई शुरू होती है, सामने बैठे होते हैं सीजेआई जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह, कानून के पक्ष में दलील देने के लिए फाइल लेकर खड़े होते हैं सॉलिसटर जनरल तुषार मेहता और उनकी टीम जबकि मुस्लिम पक्ष की पैरवी के लिए खड़े थे कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और एडवोकेट हुजेफा अहमदी.

  • कपिल सिब्बल- मीलॉर्ड, 2025 का वक्फ कानून वक्फ की सुरक्षा के मकसद से बनाया गया है, लेकिन असल में इसे ऐसे तरीके से तैयार किया गया है जिससे वक्फ संपत्तियों को एक गैर-न्यायिक प्रक्रिया के जरिए कब्जे में लिया जा सके।
  • सीजेआई- क्या बिना कानून प्रक्रिया अपनाए ?
  • कपिल सिब्बल- सरकार प्रक्रिया खुद तय करती है, और विवाद कोई भी खड़ा कर सकता है. एक बार वक्फ हमेशा के लिए वक्फ है, नियम के मुताबिक किसी मस्जिद को कोई राज्य सरकार पैसा नहीं दे सकती, कब्रिस्तान प्राइवेट जमीन पर बनती है, वहां कोई कमाई नहीं होती.
  • सीजेआई- ऐसा अन्य मंदिरों में भी होता है, मैं दरगाह भी जाता हूं, वहां भी यही होता है.
  • कपिल सिब्बल- लेकिन दरगाह और मस्जिद अलग होते हैं.
  • सुप्रीम कोर्ट- दरगाह में तो चढ़ावा आता है
  • कपिल सिब्बल- प्राचीन स्मारक के रूप में वक्फ संपत्ति को संरक्षित करने से वहां लोगों को प्रार्थना से रोका जाएगा
  • सीजेआई- खजुराहों भी प्राचीन स्मारक के रूप में संरक्षित है, वहां तो आज भी लोग प्रार्थना करते हैं

जिसे सुनते ही कपिल सिब्बल कुछ और नई दलील देने लगते हैं, लेकिन आप जरा सोचिए कैसे भरी अदालत में प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले सिब्बल और सिघंवी की जोड़ी इस बार मुस्लिम धार्मिक स्थलों के लिए अलग-अलग दलील ढूंढकर ला रही है, अदालत में ये कह रही है कि जज साहब वक्फ की संपत्तियों का इतिहास 200, 400, 500 साल पुराना है, वो कागज कहां से लाएंगे, फिर सवाल ये उठता है कि अयोध्या केस में जब सुनवाई हो रही थी, तब राम मंदिर के सबूत क्यों मांगे जा रहे थे, वो तो कई हजार साल पुराना है, वो तो शास्त्रों में सबकुछ प्रमाणित है, जिसे जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने सुप्रीम कोर्ट में खड़े होकर समझाया तब जाकर जज साहब को पूरी बात समझ आई और फैसला मंदिर के पक्ष में आया. लेकिन अब एक ग्रुप वक्फ बोर्ड संशोधन बिल को लेकर कागज नहीं दिखाएंगे का नैरेटिव चलाने की कोशिश में है, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस सुनवाई के दौरान ये साफ कर दिया है कि

  • अंतरिम राहत के लिए मजबूत मामला पेश करना होगा. कानून पर रोक लगाने की मांग के लिए मजबूत दलील देनी होगी, अन्यथा संवैधानिकता की धारणा बनी रहेगी.

अब मामले की सुनवाई 21 मई को होनी है, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने तीन मुद्दों पर सुनवाई की बात कही थी, जिसे लेकर केन्द्र सरकार ने 1300 पेज का हलफनामा दिया था, उसमें साफ बताया थी वक्फ बाय यूजर और वक्फ बोर्ड को लेकर उठ रहे सवाले बेवजह क्यों हैं, हालांकि कपिल सिब्बल की अब मांग है कि तीन मुद्दों के अलावा बाकी मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाए, सिब्बल यहां अपनी वकालत का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं, और उन्हें करना भी चाहिए, लेकिन यही मुद्दा जब मंदिरों से जुड़ा होता है तो फिर सिब्बल के सुर क्यों बदल जाते हैं, ये सवाल पूरा हिंदुस्तान पूछ रहा है, आपको क्या लगता है सुप्रीम कोर्ट में सिब्बल अपनी दलीलों से वक्फ संशोधन कानून पर रोक लगवाने में कामयाब हो पाएंगे, या जज साहब ने जिस हिसाब से पहले भी और अब भी सिब्बल की दलीलों पर टिप्पणी की है, उससे कहानी कुछ और होने वाली है.

Waqf Board Supreme Court India Kapil Sibal Wafq Bill Waqf Amendment Bill 2025

Recent News