“पुलिस के साथ मिलकर बीजेपी के गुंडों ने मेरे घर में की चोरी” अभिषेक बनर्जी का आरोप, जानिए क्या हुआ चोरी?

Rahul Jadaun 19 Jul 2026 08:16: PM 2 Mins
“पुलिस के साथ मिलकर बीजेपी के गुंडों ने मेरे घर में की चोरी” अभिषेक बनर्जी का आरोप, जानिए क्या हुआ चोरी?

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय (MP Office) पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। अवैध निर्माण के आरोपों के तहत जिला प्रशासन द्वारा की गई इस तोड़फोड़ की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक बनर्जी ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि यह केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं थी, बल्कि पुलिस और विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं की मिलीभगत से उनके कार्यालय में बड़े पैमाने पर 'चोरी' को अंजाम दिया गया है।

क्या है पूरा मामला और अभिषेक बनर्जी का आरोप?

स्थानीय प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत अमतला-बारूईपुर रोड पर स्थित इस पांच मंजिला इमारत के निर्माण को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। प्रशासन का कहना है कि यह इमारत बिना किसी स्वीकृत योजना और नियमों के उल्लंघन के बनाई गई थी। इस संबंध में संबंधित पक्षों को पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, जिसके बाद पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर निर्माण को आंशिक रूप से ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

दूसरी ओर, इस पूरी कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए अपनी बात रखी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक ध्वस्तीकरण नहीं था, बल्कि कानून के शासन की पूरी तरह अवमानना करते हुए 'वर्दी पहनकर की गई चोरी' थी। बनर्जी के अनुसार, यह मामला पहले से ही कानूनी प्रक्रिया के अधीन था, इसके बावजूद उनके कार्यालय में जबरन प्रवेश किया गया।

कार्यालय से गायब हुए सामानों की सूची

अभिषेक बनर्जी ने एक वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन के जवान और एक विशेष राजनीतिक दल के कार्यकर्ता एक साथ मिलकर उनके कार्यालय के भीतर घुसे। उन्होंने दावा किया कि वहां रखी संपत्तियों को अवैध तरीके से बाहर निकाला गया है। उनके आधिकारिक बयान के अनुसार, कार्यालय से निम्नलिखित प्रमुख सामान ले जाए गए हैं:

  • लैपटॉप (Laptops)
  • प्रिंटर (Printers)
  • महत्वपूर्ण राजनीतिक व आधिकारिक दस्तावेज (Documents)
  • कार्यालय की मेज (Tables)
  • बैठने की कुर्सियां (Chairs)
  • अन्य जरूरी सामानों से भरे हुए कई बक्से (Boxes filled with belongings)

प्रशासन और विपक्षी दल का इस पर क्या है रुख?

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर और अवैध निर्माण की शिकायतों के आधार पर की गई है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्य नेतृत्व ने टीएमसी सांसद के चोरी और मिलीभगत के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। बीजेपी का कहना है कि यह पूरी तरह से एक प्रशासनिक और कानूनी मामला है, जिसमें किसी भी प्रकार की राजनीतिक संलिप्तता नहीं है।

अभिषेक बनर्जी ने जानकारी दी है कि उन्होंने इस पूरी घटना को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। इसी बीच, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दफ्तर में चल रही इस तोड़फोड़ की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिससे टीएमसी सांसद को बड़ी राहत मिली है।

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