कोलकाता : पश्चिम बंगाल में हालिया राजनीतिक बदलावों के बीच कूचबिहार जिले से एक दिलचस्प मामला सामने आया है. यहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़ी एक पंचायत सदस्य ज्योत्सना बर्मन ने कथित तौर पर सरकारी आवास योजना के लाभार्थियों से ली गई 'कट मनी' वापस करने की सहमति जताई है. इस घटना ने इलाके में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को तेज कर दिया है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर कुछ ग्रामीणों से पैसे लिए गए थे. लंबे समय से ग्रामीण इस राशि की वापसी की मांग कर रहे थे. अब पंचायत सदस्य की ओर से पैसे लौटाने की घोषणा के बाद गांव में माइक के जरिए मुनादी करवाई गई, ताकि जिन लोगों ने पैसा दिया था वे सामने आकर अपनी राशि वापस ले सके.
ग्रामीणों का कहना है कि मुनादी के बाद कई लोग पंचायत कार्यालय पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं. वहीं विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधा है. उनका आरोप है कि सरकारी योजनाओं में कथित कट मनी की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं.
हालांकि, पंचायत सदस्य की ओर से इस पूरे मामले को लेकर विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है. प्रशासन की तरफ से भी फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है. इस घटनाक्रम को पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और बढ़ती जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है.