Mahakumbh 2025: महाकुंभ के आयोजन पर समाजवादी पार्टी के विवादित बयान थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. कभी व्यवस्थाओं में कमी बताते हैं तो कभी प्रशासन में. लेकिन इस बार अखिलेश के विधायक ने हिंदुओं की आस्था पर ही सवाल उठा दिए हैं. महाकुंभ में मौत की बातें कर रहे हैं. सपा विधायक ने योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी है और वो भी माहकुंभ को लेकर. जिस महाकुंभ का योगी दिव्य और भव्य आयोजन कर रहे हैं. जहां मुसलमानों की एंट्री बैन करने की मांग की जा रही है. उसी महाकुंभ में सपा विधायक मुसलमानों को ले जाने की बातें कर रहे हैं. और संभल में सनातन के सवाल पर कहते हैं कि गड्ढों वाली सरकार है.
सपा के अध्यक्ष अखिलेश हों या फिर मुलायम सिंह ही क्यों ना रहे हों. सपा हमेशा से ही अपने मुस्लिम प्रेम और MY समीकरण के लिए बदनाम रही है. जो कहीं ना कहीं उत्तर प्रदेश में सपा की इस बुरी हालत का जिम्मेदार भी है. इसके बावजूद भी सपा के नेता अपनी पुरानी विचारधारा को छोड़ कर आगे बढ़ने का काम नहीं कर रहे. जिसका जीता जागता उदाहरण वह बयान था जो अभी आपने सुना. चलिए पहले तो इन नेताजी के बारे में बता देते हैं. जो योगी सरकार को चुनाती देने का काम कर रहे हैं. इनरा नाम ओम प्रकाश सिंह है. ये गाजीपुर की जमानिया विधानसभा से विधायक हैं.
मुलायम सिंह के कैबिनेट में मंत्री भी रह चुके हैं. अब ये पहुंचे थे एक कार्यक्रम में जहां पत्रकारों ने महाकुंभ के आयोजन पर सवाल क्या पूछ लिया. नेता जी को तो राजनति चमकाने का मौका ही मिल गया. और पूरे आयोजन पर सवाल खड़े कर डाले. पहले तो कहते हैं,,, मुसलमान अगर कुंभ जाना चाहते हैं तो उन्हें मैं लेकर जाऊंगा. क्योंकि मां गंगा सबकी हैं. लेकिन इसके साथ ही सनातनियों की आस्था पर सवाल भी उठाने लग जाते हैं और कहते है कि- ये लोग कह रहे हैं कि कुंभ नहाओ. इतनी ठंड पड़ रही है. कुंभ नहाकर आदमी मरेगा क्या?
पानी खराब है. व्यवस्था खराब है. कुंभ में सिर्फ पैसा लुटाया जा रहा. मैं तो यही कहूंगा कि यह जालिम हुकूमत है.. योगी सरकार की व्यवस्था खराब बताने और सरकार को जालिम बताने वाले विधायक जी शायद 2013 के अखिलेश यादव वाले महाकुंभ को भूल गए. जहां इतना शानदार आयोजन हुआ था कि देश ही नहीं विदेशों में भी पूरी अव्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हुए थे., मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे.
वो दिन शायद इन्हें याद नहीं होंगे. इसके साथ ही संभल पर तो विधायक जी ने हद ही पार कर दी. वहां निकलने वाले तीर्थों की तारीफ तो कर नहीं सके. बल्कि मंदिरों को कब्जा मुक्त कराने पर ही सवाल खड़े करने लग गए. आरोप लगा दिए कि सरकार बस खुदाई करने में लगी हुई है. और विकास कहीं नहीं हो रहा. सपा को ऐसे बयानवीरों की वजह से ही उपचुनाव में मुंह की खानी पड़ी थी. और अब लग रहा है कि अखिलेश ने इन बयानबाजियों और हिंदू विरोध को बंद नहीं कराया तो शायद उनकी 2027 की राह और भी ज्यादा मुश्किल हो जाएगी.