अजित पवार की मौत के बाद शरद पवार की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया में उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को इस दुखद घटना को राजनीतिक बनाने से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से एक दुर्घटना है; इसमें कोई राजनीति नहीं है. राज्य को अपूरणीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती.
इससे पहले, ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत पर सदमा जताया और दावा किया कि नेताओं के लिए भी सुरक्षा और संरक्षा नहीं बची है. उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल शरद पवार के कथित बयानों का जिक्र किया, जिसमें वे बीजेपी छोड़ने की बात कर रहे थे.
देश में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि आज जो हुआ है, वह गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने आगे कहा कि हमारा भरोसा केवल सुप्रीम कोर्ट पर है, किसी अन्य एजेंसी पर नहीं और दावा किया कि जांच एजेंसियां अपनी स्वतंत्रता खो चुकी हैं.
इस बीच, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पाया गया कि अजित पवार सवार बॉम्बार्डियर लियरजेट 45 विमान एयरवर्थी था, उसमें कोई तकनीकी खराबी नहीं थी, और पायलटों के पास कुल 15,000 उड़ान घंटों का अनुभव था. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई ने उचित और पारदर्शी जांच की अपील की.
कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी कहा कि अजित पवार की मौत पर कड़े सवालों के जवाब देने होंगे. सवाल यह है कि यह दुर्घटना क्यों हुई? मुझे मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीन साल पहले मुंबई में इसी कंपनी का एक ऐसा ही हादसा हुआ था. यह घटना कम दृश्यता में हुई.
अजित पवार की मौत ऐसे समय में हुई है जब उन्होंने अपने चचेरे भाई शरद पवार के साथ मिलकर हाल ही में पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे नगर निगम चुनावों में महायुति गठबंधन के बिना लड़ाई लड़ी थी. एनसीपी में सुलह की मांगें उठ रही थीं, जो 2023 में पार्टी के मूल चिह्न के अजित पवार को दिए जाने के बाद बंट गई थी, जबकि उसी साल बीजेपी-नीत गठबंधन ने महाराष्ट्र चुनाव जीता था.