हरिद्वार: शनिवार सुबह हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर के पैदल मार्ग पर हुई भगदड़ में 6 लोगों की मौत हो गई और 34 अन्य घायल हो गए. हरिद्वार के जिला मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित ने मौतों की पुष्टि करते हुए कहा कि दो व्यक्तियों की हालत गंभीर है और उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है. बाकी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है. अधिकारियों के अनुसार, घायलों में 20 पुरुष, 8 महिलाएं और 7 बच्चे शामिल हैं, जिनमें 2 लड़के व 5 लड़कियां हैं.
भगदड़ का कारण क्या था?
घटना सुबह करीब 8:30 बजे हुई जब कथित तौर पर एक ओवरहेड पावर लाइन टूटकर भीड़भाड़ वाले पैदल मार्ग पर गिर गई, जिससे तीर्थयात्रियों में दहशत फैल गई. हालांकि, अब अधिकारियों का कहना है कि भगदड़ का कारण वास्तविक पावर लाइन विफलता के बजाय एक अफवाह हो सकती है. एक अधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया, ऐसा लगता है कि यह घटना एक अफवाह के कारण हुई कि बिजली का तार टूट गया है.
उन्होंने कहा कि सटीक कारण का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच चल रही है. अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि एक व्यक्ति को बिजली के झटके से जलने की चोटें आईं, जबकि अन्य की मौत भगदड़ के दौरान लगी चोटों के कारण हुई. सिटी पुलिस स्टेशन के प्रभारी रितेश साहा ने कहा कि जब बिजली का तार गिरा, तब मार्ग पर भारी भीड़ थी. साहा ने कहा कि तार गिरने की दृष्टि से तत्काल दहशत फैल गई, और भागने की हड़बड़ाहट में भगदड़ मच गई.
आपातकालीन सेवाएं और पुलिस टीमें तुरंत सक्रिय हुईं. राहत और बचाव कार्य चल रहे हैं, और अधिकारी मृतकों की पहचान करने में जुटे हैं. शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. घटना के बाद, राज्य की बिजली वितरण कंपनी- उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने मनसा देवी में सभी विद्युत पैनलों और पावर लाइनों का निरीक्षण किया और स्पष्ट किया कि इसमें बिजली विभाग की कोई गलती नहीं है.
यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने कहा, "हमारे कर्मियों द्वारा मनसा देवी मंदिर परिसर में किए गए निरीक्षण के दौरान, बिजली के रिसाव का स्तर शून्य पाया गया. साथ ही, वहां बिजली ले जाने वाली लो टेंशन लाइनें पूरी तरह से इंसुलेटेड हैं, जिनमें कोई नंगे तार उपयोग में नहीं हैं." उन्होंने आगे कहा, "हमें किसी के बिजली का झटका लगने या इलेक्ट्रोक्यूशन की कोई घटना नहीं मिली. यह दुखद घटना संभवतः भारी और अनियंत्रित भीड़ के कारण हुई."
घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया. धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़ की खबर अत्यंत दुखद है. एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और अन्य बचाव टीमें मौके पर हैं और राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं." उन्होंने आगे कहा, "मैं स्थानीय प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में हूं और स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा हूं. मैं माता रानी से सभी भक्तों की भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं."