- दिल्ली में हुआ 2 हजार करोड़ का महाघोटाला, सीएम रेखा गुप्ता ने जारी की ऐसी रिपोर्ट, हर्षद मेहता भी मानता सरजी को गुरु
- ईमानदारी के चोले में बेईमानी का दाग नहीं, घोटालों के अब्बाजान बन गए केजरीवाल, जानिए कौन हैं सारे घोटालों की अम्मी?
- 900 करोड़ का चारा घोटाला भूल जाइए, 60 करोड़ का बोफोर्स घोटाला भी भूल जाइए, उससे भी बड़ा घोटाला केजरीवाल ने किया!
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नई दिल्ली: आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला कौन सा था, हो सकता है आप 2जी घोटाले का नाम लें, जिसमें 1 लाख 76 हजार करोड़ की हेराफेरी के आरोप लगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से सभी आरोपी छूट गए, या फिर आप बोफोर्स या कोयला घोटाले का नाम लें, लेकिन 21वीं सदी का सबसे बड़ा घोटाला खुद को सबसे कट्टर ईमानदार बताने वाले केजरीवाल ने किया है, जिसके सबूत जब दिल्ली विधानसभा में रखे गए, तो केजरीवाल के विधायक भी दंग रह गए.
कैग रिपोर्ट में क्या है
- प्रतिबंधित इलाकों में सही समय पर दुकान न खुलने से 941 करोड़ रुपये का घाटा हुआ
- ठेकेदारों ने लाइसेंस सरेंडर किए, पर सरकार दोबारा टेंडर नहीं दे पाई, 890 करोड़ घाटा हुआ
- कोरोना के वक्त ठेकेदारों को नियम के खिलाफ जाकर छूट दी, इससे 144 करोड़ घाटा हुआ
- लोकल लाइसेंसधारकों से सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं ली गई, जिससे 27 करोड़ घाटा हुआ
- कुल मिलाकर नई शराब नीति की वजह से दिल्ली को 2002.68 करोड़ रुपये का घाटा हुआ
अब इस रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली के उपराज्यपाल और केन्द्रीय गृहमंत्रालय की ओर से केजरीवाल के खिलाफ दोबारा जांच शुरू करवाई जा सकती है, चूंकि इस मामले में गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है, इसलिए ये सबूत केजरीवाल को कड़ी सजा दिलाने के काम आ सकते हैं, जैसे लालू यादव चारा घोटाले के वक्त जेल गए तो कहा सब सियासी साजिश है, लेकिन बाद में जब सबकुछ साबित हुआ तो आज तक जमानत पर हैं, वैसे ही केजरीवाल की हालत भी खराब हो सकती है, उनके ग्रह दशा 2026 में और ज्यादा खराब हो सकते हैं, ऐसे अनुमान कई ज्योतिष लगा रहे हैं, लेकिन कानून भविष्यवाणी से नहीं बल्कि साक्ष्यों से चलता है, और साक्ष्य ये कहते हैं केजरीवाल ने देश की राजधानी में घोटाला नहीं बल्कि महाघोटाला किया है, अगर देश के 8 बड़े घोटालों पर नजर डालें तो केजरीवाल का नाम टॉप 10 में नजर आएगा.
- साल 2004 से 2009 के बीच देश में 2 लाख करोड़ का कोयला घोटाला हुआ, जिसे कैग ने मदर ऑफ ऑल स्कैम नाम दिया
- दिल्ली में शीला दीक्षित की सरकार में करीब 70 हजार करोड़ रुपये का कॉमनवेल्थ घोटाला हुआ, 100 का टॉयलेट पेपर 4 हजार में खरीदा गया
- करीब 14 हजार करोड़ का कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला हुआ, जिसे सत्यम कंप्यूटर घोटाला नाम दिया गया
- आईपीएल घोटाला, तेलगी स्टांप पेपर घोटाला, चारा घोटाला और बोफोर्स घोटाले के बाद अब शराब घोटाला भी इतिहास के काले पन्नों में दर्ज हो चुका है
जिसके अब्बा कहें जाएंगे केजरीवाल और अम्मी कहें जाएंगे, उस विभाग के संरक्षक, जिनके कंधों पर सही नीति बनाने की जिम्मेदारी दी थी, पर उन्होंने 2 हजार करोड़ का खेल कर दिया, अगर आप भी नहीं समझे तो इसे थोड़ा आसान भाषा में समझिए.
- केजरीवाल ने जो शीशमहल बनवाया वो 45 करोड़ का है, यानि 2 हजार करोड़ में ऐसे 50 शीशमहल बन सकते थे
- दिल्ली की आबादी करीब 2 करोड़ है, यानि 2 हजार करोड़ रुपये में हर व्यक्ति को 1-1 हजार रुपये मिल सकते थे
- बीजेपी ने महिलाओं को जो 2500 रुपये देने का वादा किया है, उसके लिए 38 लाख महिलाएं पात्र हैं, जिन्हें हर महीने 2500 देने में 950 करोड़ खर्च आएगा
- यानि केजरीवाल ने जितना घोटाला किया, उतने में दिल्ली की 38 लाख महिलाओं को 2500 रुपये दो महीने तक दिया जा सकता था
यानि ये सच है कि इतने पैसे में दिल्ली की तस्वीर और यहां रहने वाले गरीबों की तकदीर दोनों बदली जा सकती है, पर आम आदमी के नाम पर सत्ता में आए केजरीवाल ने अपने शीशमहल के लिए भ्रष्टाचार की हर हदें पार कर दी, आप केजरीवाल की इन करतूतों की पोल खोलती रिपोर्ट पर क्या कहेंगे.
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