दिवंगत माफिया मुख्तार अंसारी की मृत्यु के मामले गुरुवार को बाराबंकी कोर्ट में सुनवाई हुई। वकील रणधीर सिंह सुमन ने एक बार फिर कोर्ट से अंसारी की मौत मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि अंसारी की मौत को लेकर सरकार और बांदा जेल प्रशासन के बयानों में विरोधाभास है। सरकार अस्पताल में अंसारी को हार्ट अटैक आने की बात कर रही है। जबकि बांदा जेल प्रशासन ने अभी तक जेल में दिल का दौरा पड़ने का दावा किया था। ऐसे में इस मामले में एफआईआर दर्ज हो जिससे कि मामले का पूरा सच सामने आ सके।
गुरुवार की पेशी एमपी-एमएलए कोर्ट नंबर 4 में विशेष सत्र न्यायाधीश कमलकांत श्रीवास्तव के सामने हुई, जिसमें वकील रणधीर सिंह सुमन ने बहस के दौरान जज के सामने कहा कि अंसारी की मौत को लेकर राज्य सरकार और जेल प्रशासन के कथनों में बहुत बड़ा अंतर सामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आज न्यायालय में लिखित में प्रार्थना पत्र देकर कहा गया कि अंसारी के हाथ-पैर और नसों में दर्द होने के कारण उन्हें बांदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया था। जहां इलाज के दौरान हार्ट अटैक आ जाने के कारण उनकी मौत हो गई। जबकि बांदा जेल प्रशासन अभी तक कहता रहा है कि अंसारी को जेल के अंदर हार्ट अटैक हुआ था। जिसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
वकील रणधीर सिंह सुमन ने कहा कि ऐसे में या तो राज्य सरकार गलत बयानी कर रही है या फिर जेल प्रशासन झूठ बोल रहा है। इसलिये इस बिंदु के ऊपर विशेष जांच करवाई जामे की जरूरत है। जिससे अंसारी की मौत के पीछे का पूरा सच सामने आ सके। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई जांच तभी हो सकती है। जब कोर्ट अंसारी की मौत मामले की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के आदेस जारी करे। उन्होंने बताया कि आज की बहस के दौरान जज ने सारी बातें सुनीं। अब अगली पेशी की 08/04/024 तारीख पर कोर्ट हमारी इस मांग पर अपना फैसला देगी।